Delhi में कांवड़ यात्रा 2026 की तैयारी शुरू, ट्रैफिक पुलिस ने तय किए नियम, DJ और कांवड़ के साइज पर रहेगी नजर

Delhi: राजधानी दिल्ली में आगामी कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। इसके लिए दिल्ली-एनसीआर और आसपास के जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ एक बड़ी मीटिंग की गई है। इ

Delhi: राजधानी दिल्ली में आगामी कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। इसके लिए दिल्ली-एनसीआर और आसपास के जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ एक बड़ी मीटिंग की गई है। इस बैठक का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि शिवभक्तों की यात्रा बिना किसी रुकावट के पूरी हो और आम जनता को भी ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कांवड़ यात्रा की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होगी। यात्रा के दौरान भीड़ और ट्रैफिक को संभालने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, पूर्वी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त और बागपत समेत आसपास के जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सभी एजेंसियां आपस में तालमेल बनाकर काम करें ताकि बॉर्डर पॉइंट्स और मुख्य सड़कों पर जाम न लगे।

प्रशासन ने इस बार यात्रा के लिए कुछ कड़े नियम भी तय किए हैं। कांवड़ की ऊंचाई अधिकतम 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट तक ही रखी जा सकती है। इसके अलावा म्यूजिक सिस्टम और DJ के लिए ध्वनि नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह के अश्लील गाने नहीं बजाए जाएंगे।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) विजयंता गोयल आर्य और संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि यातायात प्रबंधन के लिए एक विस्तृत योजना बनाई जाएगी। इसमें पुलिस कर्मियों की तैनाती, ट्रैफिक डायवर्जन, भारी वाहनों की एंट्री पर रोक और पार्किंग की उचित व्यवस्था शामिल है। दिल्ली की सीमाओं पर यूपी पुलिस और दिल्ली पुलिस मिलकर काम करेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सके।

ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के पीक घंटों के दौरान उन रास्तों पर जाने से बचें जहां से शिवभक्त गुजरेंगे। लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। यात्रा से जुड़ी ताजा जानकारी और ट्रैफिक अपडेट के लिए पुलिस अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (ट्विटर) हैंडल और Google Maps का सहारा लेगी।