Delhi में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, इस साल अबतक कटे 48 लाख से ज्यादा चालान

Delhi: राजधानी दिल्ली की सड़कों पर लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। दिल्ली यातायात पुलिस ने इस साल 10 जुलाई तक नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 48.42 लाख से ज्यादा चालान

Delhi: राजधानी दिल्ली की सड़कों पर लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। दिल्ली यातायात पुलिस ने इस साल 10 जुलाई तक नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 48.42 लाख से ज्यादा चालान जारी किए हैं। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले ज्यादा है, जिससे पता चलता है कि सड़कों पर निगरानी और सख्ती बढ़ गई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि केवल चालान ही नहीं, बल्कि लापरवाही से वाहन चलाने के गंभीर मामलों में 2,187 से ज्यादा FIR भी दर्ज की गई हैं। इसमें से करीब 17.21 लाख चालान ऑटोमैटिक कैमरों यानी RLVD और OSVD के जरिए काटे गए हैं, जो रेड लाइट जंप करने और ओवरस्पीडिंग को पकड़ते हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विजयांता गोयल आर्या ने कहा कि नई ई-चालान मशीनों से अब कैशलेस भुगतान आसान होगा और लोगों को परेशानी कम होगी।

ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस ने कई कदम उठाए हैं। 10 जुलाई को दिल्ली की 8 सड़कों को सिग्नल-फ्री कर दिया गया है ताकि जाम की समस्या कम हो। साथ ही, 7 जुलाई से एक महीने का ‘जन जागृति अभियान’ भी शुरू किया गया है, जिसका मकसद लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है।

विवरण आंकड़े/जानकारी
कुल चालान (10 जुलाई तक) 48.42 लाख से अधिक
कुल FIR (लापरवाही के मामले) 2,187 से अधिक
कैमरा आधारित स्वचालित चालान 17.21 लाख
गलत दिशा में ड्राइविंग चालान 3.42 लाख से अधिक
अवैध पार्किंग चालान 10.62 लाख से अधिक
नई ई-चालान इकाइयां 1,500

लंबित चालानों को निपटाने के लिए अब जिला अदालतों में ‘वीकेंड कोर्ट’ की सुविधा शुरू की गई है। ये अदालतें हर रविवार और महीने के दूसरे शनिवार को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेंगी। वहीं, नए नियमों के मुताबिक अब चालान का निपटारा 45 दिनों के भीतर करना होगा, वरना लाइसेंस रद्द या निलंबित हो सकता है। साल में 5 से ज्यादा बार नियम तोड़ने वालों पर यह कार्रवाई होगी।

इस बीच PIB Fact Check ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे फर्जी RTO ई-चालान वाले SMS या व्हाट्सएप लिंक पर क्लिक न करें। ऐसे लिंक के जरिए ओटीपी चोरी कर बैंक खातों से पैसे निकाले जा सकते हैं।