Delhi में गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों की अब खैर नहीं, 6 महीने में कटे 3.4 लाख चालान, 2000 से ज्यादा FIR दर्ज

Delhi: दिल्ली की सड़कों पर गलत साइड में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। साल 2026 के शुरुआती छह महीनों के आंकड़े बताते हैं कि इस साल गलत दिशा में ड्राइविंग करने वालों के चाला

Delhi: दिल्ली की सड़कों पर गलत साइड में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। साल 2026 के शुरुआती छह महीनों के आंकड़े बताते हैं कि इस साल गलत दिशा में ड्राइविंग करने वालों के चालान में 98 फीसदी की भारी बढ़ोतरी हुई है। पुलिस अब सिर्फ चालान ही नहीं कर रही, बल्कि बार-बार नियम तोड़ने वालों और खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने वालों पर एफआईआर भी दर्ज कर रही है।

दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जनवरी से 25 जून 2026 के बीच गलत साइड ड्राइविंग के लिए कुल 3,42,381 चालान काटे गए हैं। पिछले साल इसी समय के दौरान यह आंकड़ा 1,72,879 था। इसका सीधा मतलब है कि पुलिस ने इस साल कार्रवाई को पिछले साल के मुकाबले दोगुना कर दिया है। इसके अलावा, पुलिस ने 2,033 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है, ताकि लोगों में सड़क सुरक्षा को लेकर डर और जिम्मेदारी बनी रहे।

उपराज्यपाल (LG) विनय कुमार सक्सेना ने शहर में ट्रैफिक की स्थिति की समीक्षा की है। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक का बहाव बेहतर होना चाहिए ताकि लोगों का समय और ईंधन बच सके और प्रदूषण कम हो। पुलिस सिर्फ गलत दिशा में चलने वालों पर ही नहीं, बल्कि बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग करने वालों पर भी नजर रख रही है। इसके साथ ही अवैध पार्किंग के खिलाफ भी अभियान जारी है, जिसमें इस साल अब तक 10 लाख से ज्यादा चालान किए जा चुके हैं।

इन क्षेत्रों में हुई सबसे अधिक कार्रवाई

ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों को जोन के हिसाब से बांटकर विशेष अभियान चलाए हैं। यहां देखिए किस इलाके में चालान की संख्या में कितनी वृद्धि हुई है:

रेंज (Range) चालान की संख्या (2026) प्रतिशत बढ़ोतरी
New Delhi Range 22,901 105%
Northern Range 25,251 128%
Central Range 1,25,441 81.5%

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) विजयंता गोयल आर्य ने बताया कि गलत दिशा में गाड़ी चलाना सड़कों पर अव्यवस्था का सबसे बड़ा कारण है। इससे आमने-सामने की टक्कर होने का खतरा रहता है, जो कई बार जानलेवा साबित होता है। पुलिस ने साफ किया है कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और मार्केट एसोसिएशन के साथ मिलकर भी लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि सड़कों पर हादसों को कम किया जा सके।