Delhi में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पड़ेगी महंगी, 6 महीने में कटे 48 लाख से ज्यादा चालान

Delhi: राजधानी की सड़कों पर अब ‘तीसरी आंख’ यानी कैमरों का पहरा और सख्त हो गया है। जनवरी से जून 2026 के बीच दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की है, जिसमें करीब 48 लाख से अधिक चाल

Delhi: राजधानी की सड़कों पर अब ‘तीसरी आंख’ यानी कैमरों का पहरा और सख्त हो गया है। जनवरी से जून 2026 के बीच दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की है, जिसमें करीब 48 लाख से अधिक चालान काटे गए। यह संख्या पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले करीब 1 लाख ज्यादा है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस फिलहाल 43 प्रमुख चौराहों और 142 सड़कों पर कैमरों के जरिए निगरानी रख रही है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के बीच कैमरों ने 26.22 लाख ट्रैफिक उल्लंघन दर्ज किए। इनमें से 17.21 लाख चालान रेड लाइट जंप और ओवर स्पीड डिटेक्शन सिस्टम के जरिए जारी किए गए। पुलिस अब 53 और संवेदनशील चौराहों पर 203 नए कैमरे लगाने की तैयारी में है।

नियमों के उल्लंघन की बात करें तो गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों की संख्या में 98% की भारी बढ़ोतरी देखी गई, जिस वजह से 2,033 FIR दर्ज की गईं। वहीं, गलत पार्किंग सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है, जिसके 12.2 लाख मामले सामने आए और इसमें 36.5% की वृद्धि हुई। इसके अलावा, हेलमेट न पहनने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए 3 लाख से ज्यादा चालान काटे गए।

नियम उल्लंघन का प्रकार विवरण/आंकड़े
कुल चालान (7 जुलाई तक) 48,42,953
गलत पार्किंग 12.2 लाख मामले
हेलमेट न पहनना 3 लाख से अधिक चालान
रेड लाइट और ओवर स्पीड 17.21 लाख चालान
गलत दिशा में ड्राइविंग 98% की वृद्धि (2,033 FIR)
निगरानी कैमरे 43 चौराहों पर 209 और 142 सड़कों पर 250 कैमरे

ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए विशेष पुलिस आयुक्त मनीष अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली के आठ हिस्सों को सिग्नल-फ्री कर दिया गया है और 25 अन्य कॉरिडोर की पहचान की गई है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने भी खतरनाक ड्राइविंग के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जनता की सुविधा के लिए 5 जुलाई 2026 से वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट शुरू किए गए हैं, ताकि लोग छुट्टियों के दिन भी अपने लंबित चालानों का निपटारा कर सकें।

इस कड़ी निगरानी के बीच ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर भी असर पड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच ड्यूटी के दौरान 14 पुलिसकर्मी घायल हुए और एक जवान की जान चली गई।