Delhi में 25% ट्रैफिक प्लान फेल, जगह की कमी से कई इलाकों में नहीं बन पाएंगे फ्लाईओवर और सबवे

Delhi: राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए बनाए गए प्लान में बड़ा बदलाव हुआ है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और अन्य विभागों ने शहर के 62 हॉटस्पॉट पर जाम कम करने के लिए 215 उपाय सोचे थे, लेकिन अब इनमें से 25% काम बंद

Delhi: राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए बनाए गए प्लान में बड़ा बदलाव हुआ है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और अन्य विभागों ने शहर के 62 हॉटस्पॉट पर जाम कम करने के लिए 215 उपाय सोचे थे, लेकिन अब इनमें से 25% काम बंद करने पड़े हैं। वजह यह है कि कई इलाकों में सड़कें इतनी संकरी हैं कि वहां नया निर्माण करना मुमकिन नहीं है।

इस पूरी योजना में से 34 मुख्य जगहों पर काम पूरा हो चुका है, जबकि 56 प्रस्तावों को ‘नामुमकिन’ बताकर खारिज कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, कई जगहों पर मेट्रो का काम चल रहा है या जमीन की भारी कमी है, जिसकी वजह से फ्लाईओवर या सबवे नहीं बन पाए। उदाहरण के लिए, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास चल रहे काम की वजह से भवभूति मार्ग पर सबवे या फुट ओवरब्रिज का प्लान ड्रॉप करना पड़ा। इसी तरह, तिस् Hazari कोर्ट से कश्मीरी गेट को जोड़ने वाली Boulevard Road पर सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण फ्लाईओवर नहीं बन सकेगा। दक्षिण दिल्ली के Max Hospital के पास भी जमीन न होने की वजह से सड़क चौड़ी नहीं की जा सकी। कुल 215 उपायों में से 96 पूरे हो चुके हैं और 63 अब भी बाकी हैं। एक अधिकारी ने बताया कि जहां इंजीनियरिंग से समाधान संभव था, वहां काम कर दिया गया है, बाकी जगहों पर अब पुलिस निगरानी और सख्ती बढ़ाएगी।

ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर देश के अन्य शहरों से भी अपडेट आए हैं। Jharkhand के रांची में पुलिसकर्मियों की सुविधा के लिए 20 नए आधुनिक ट्रैफिक बूथ बनाए जा रहे हैं, जिनमें से सुजाता चौक, अरगोरा चौक, रतन टॉकीज और गदिखना चौक पर काम पूरा हो गया है। वहीं, Bihar के पटना में मेट्रो प्रोजेक्ट के कारण नेहरू पथ पर लगने वाली ट्रैफिक पाबंदियों को मानसून की वजह से फिलहाल टाल दिया गया है, ताकि लोगों को परेशानी न हो। Odisha के कटक में जुलाई से 22 बड़े चौराहों पर AI वाले स्मार्ट कैमरे लगाए जाएंगे, जो अपने आप ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का चालान काटेंगे।

इसके अलावा, केंद्र सरकार ने देश के 48 शहरों और राज्य की राजधानियों के लिए एक नई डीकन्जेशन पॉलिसी शुरू की है। इस नीति का लक्ष्य अगले 50 सालों की शहरी आबादी को ध्यान में रखकर रिंग रोड और बाईपास बनाना है, ताकि शहरों के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम हो सके और सामान की आवाजाही आसान हो। इस काम में PWD, MCD, DMRC और परिवहन विभाग जैसी एजेंसियां शामिल हैं।