Delhi: देश के 53 बड़े शहरों में आत्महत्या के मामले सबसे ज्यादा दिल्ली में सामने आए हैं। National Crime Records Bureau (NCRB) के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 2,905 लोगों ने अपनी जान दी। इस संकट में पुरुषों की सं
Delhi: देश के 53 बड़े शहरों में आत्महत्या के मामले सबसे ज्यादा दिल्ली में सामने आए हैं। National Crime Records Bureau (NCRB) के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 2,905 लोगों ने अपनी जान दी। इस संकट में पुरुषों की संख्या सबसे ज्यादा रही और कुल मौतों में उनका हिस्सा 71.5% रहा।
किन शहरों में कितने मामले दर्ज हुए?
NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली 2,905 मामलों के साथ पहले नंबर पर है। इसके बाद Bengaluru में 2,403 और Mumbai में 1,406 मामले दर्ज किए गए। हालांकि, अगर जनसंख्या के हिसाब से रेट देखें तो Bengaluru 16.7 प्रति लाख की दर के साथ सबसे ऊपर है, जबकि दिल्ली 13.2 और मुंबई 11 पर है।
सुसाइड की मुख्य वजह और प्रभावित लोग कौन?
दिल्ली में आत्महत्या करने वालों में 55.6% लोग शादीशुदा थे। जान देने की सबसे बड़ी वजह पारिवारिक समस्याएं (675 मौतें) रहीं। इसके बाद वैवाहिक विवाद (258 मौतें) और बेरोजगारी (236 मौतें) मुख्य कारण रहे। आंकड़ों से पता चला कि ज्यादातर पीड़ित कम आय वाले परिवारों से थे, जिनकी सालाना कमाई 1 लाख रुपये से कम थी।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए सरकारी सुविधाएं क्या हैं?
सरकार ने आत्महत्या की दर कम करने के लिए National Suicide Prevention Strategy शुरू की है। मदद के लिए Tele-MANAS और KIRAN जैसी टोल-फ्री हेल्पलाइन सेवा उपलब्ध है। इसके अलावा Mental Healthcare Act 2017 के तहत आत्महत्या की कोशिश को अपराध की श्रेणी से बाहर रखा गया है ताकि लोग बिना डरे इलाज करा सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में सुसाइड के सबसे बड़े कारण क्या रहे?
NCRB के डेटा के अनुसार दिल्ली में पारिवारिक समस्याएं (675 केस), वैवाहिक विवाद (258 केस) और बेरोजगारी (236 केस) आत्महत्या के प्रमुख कारण रहे।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए कौन सी हेल्पलाइन उपलब्ध है?
भारत सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए KIRAN टोल-फ्री हेल्पलाइन और Tele-MANAS जैसी सेवाएं शुरू की हैं।