Delhi: तीस हजारी कोर्ट ने एक वकील को जमानत दे दी है, जिसे कोर्ट परिसर के एंट्री पॉइंट पर तलाशी के दौरान अवैध हथियार मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। वकील के ट्रॉली बैग से दो अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद हुए थे। शनिवार क
Delhi: तीस हजारी कोर्ट ने एक वकील को जमानत दे दी है, जिसे कोर्ट परिसर के एंट्री पॉइंट पर तलाशी के दौरान अवैध हथियार मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। वकील के ट्रॉली बैग से दो अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद हुए थे। शनिवार को कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।
वकील की गिरफ्तारी और बरामदगी का मामला क्या था?
यह पूरा मामला 20 मई का है जब ईस्ट किदवई नगर के रहने वाले वकील Harsh के ट्रॉली बैग की स्कैनिंग की गई थी। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों को बैग के अंदर दो अवैध पिस्टल और कारतूस मिले। इसके बाद सब्जी मंडी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। वकील Harsh ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उन्हें बैग में रखे पिस्तौल की कोई जानकारी नहीं थी।
कोर्ट ने जमानत देने के लिए क्या आधार माने?
जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास प्रीति राजोरिया ने जमानत देते समय कुछ अहम बातों पर गौर किया। कोर्ट ने पाया कि हथियार पहले ही बरामद किए जा चुके हैं और आरोपी ने जांच में पूरा सहयोग किया है। Harsh पुलिस के साथ अलग-अलग जगहों पर गए ताकि सह-आरोपी राम सिंह को ढूंढा जा सके। इसके अलावा, कोर्ट ने इस बात को भी ध्यान में रखा कि Harsh पेशे से वकील हैं और उनका पुराना कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
जमानत की शर्तें और कानूनी प्रक्रिया
कोर्ट ने Harsh को 25,000 रुपये के बेल बॉन्ड और इतनी ही राशि की एक जमानत (surety) जमा करने पर रिहा करने का आदेश दिया। पुलिस ने अब उनका और रिमांड नहीं मांगा था, बल्कि उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने की अपील की थी, जिसके बाद कोर्ट ने जमानत मंजूर की। इस मामले में वकील की तरफ से आर.एस. मलिक, डी.के. शर्मा, साहिल मलिक और विजय मलिक ने पैरवी की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वकील Harsh की गिरफ्तारी कैसे हुई थी?
20 मई को तीस हजारी कोर्ट के एंट्री पॉइंट पर जब उनके ट्रॉली बैग की स्कैनिंग हुई, तब उसमें से दो अवैध पिस्टल और कारतूस मिले, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
कोर्ट ने जमानत देने के लिए क्या कारण बताए?
कोर्ट ने माना कि हथियार बरामद हो चुके हैं, आरोपी ने जांच में सहयोग किया है, वह पेशे से वकील हैं और उनका कोई पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है।