Delhi: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने एक बड़े मामले में फैसला सुनाते हुए CBI के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर और एक रिटायर्ड ACP को दोषी ठहराया है। यह मामला साल 2000 में हुए एक गलत रेड से जुड़ा है। कोर्ट ने पाया कि अधिकारियों ने
Delhi: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने एक बड़े मामले में फैसला सुनाते हुए CBI के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर और एक रिटायर्ड ACP को दोषी ठहराया है। यह मामला साल 2000 में हुए एक गलत रेड से जुड़ा है। कोर्ट ने पाया कि अधिकारियों ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया और कानून के खिलाफ जाकर कार्रवाई की।
कौन हैं दोषी अधिकारी और क्या थे आरोप
इस मामले में कोर्ट ने दो बड़े अधिकारियों को सजा सुनाई है। इनमें रामनीश शामिल हैं जो 1994 बैच के IPS अधिकारी हैं और फिलहाल CBI में जॉइंट डायरेक्टर हैं। उनके साथ दिल्ली के रिटायर्ड ACP वी.के. पांडे को भी दोषी पाया गया है। इन दोनों पर हमला करने, बिना वजह किसी के घर में घुसने और नुकसान पहुंचाने के आरोप थे।
मामला क्या था और कोर्ट ने क्या कहा
यह पूरा विवाद 19 अक्टूबर 2000 को शुरू हुआ था। शिकायतकर्ता अशोक कुमार अग्रवाल एक IRS अधिकारी थे। कोर्ट ने माना कि यह रेड सिर्फ इसलिए की गई थी ताकि CAT (सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल) के एक आदेश को नाकाम किया जा सके। जज शशांक नंदन भट्ट ने साफ कहा कि यह कार्रवाई सरकारी ड्यूटी का हिस्सा नहीं थी बल्कि कानून का उल्लंघन था।
दोषियों की जानकारी और कानूनी धाराएं
| विवरण |
जानकारी |
| दोषी अधिकारी 1 |
रामनीश (Joint Director, CBI) |
| दोषी अधिकारी 2 |
V.K. Pandey (रिटायर्ड ACP, दिल्ली) |
| शिकायतकर्ता |
Ashok Kumar Aggarwal (IRS अधिकारी) |
| लागू धाराएं |
IPC 323, 427, 448 और 34 |
| सजा की तारीख |
27 अप्रैल को बहस होगी |