Finance: दिल्ली में बढ़ती भीड़ और मकानों की आसमान छूती कीमतों की वजह से अब लोग आसपास के छोटे शहरों का रुख कर रहे हैं। गाजियाबाद, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे शहरों में लग्जरी घरों की डिमांड बढ़ गई है। बेहतर सड़कों और कनेक्टिव
Finance: दिल्ली में बढ़ती भीड़ और मकानों की आसमान छूती कीमतों की वजह से अब लोग आसपास के छोटे शहरों का रुख कर रहे हैं। गाजियाबाद, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे शहरों में लग्जरी घरों की डिमांड बढ़ गई है। बेहतर सड़कों और कनेक्टिविटी की वजह से लोग अब कम निवेश में ज्यादा मुनाफे की उम्मीद कर रहे हैं।
किन शहरों में प्रॉपर्टी के दाम बढ़ेंगे और कितना होगा मुनाफा?
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद अब कई शहरों की किस्मत बदलने वाली है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले 18 से 24 महीनों में इन इलाकों में कीमतों में अच्छी बढ़त देखने को मिलेगी।
| शहर/इलाका |
अनुमानित बढ़ोतरी |
| गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, देहरादून |
15% से 25% |
| लोनी, मंडोली, नरेला और बवाना (दिल्ली) |
दाम बढ़ने की संभावना |
| टियर-2 और टियर-3 शहर (अगले 2-4 साल) |
25% से 100% तक |
लोग दिल्ली छोड़कर इन शहरों में घर क्यों ले रहे हैं?
लोग अब केवल छत नहीं बल्कि बेहतर लाइफस्टाइल ढूंढ रहे हैं। टियर-2 शहरों में क्लब हाउस, ग्रीन स्पेस और स्मार्ट सिक्योरिटी जैसे फीचर्स वाले बड़े घर किफायती दाम पर मिल रहे हैं। इसके अलावा प्रदूषण कम होना और नए एक्सप्रेसवे के कारण यात्रा का समय कम होना भी बड़ी वजह है। मैजिकब्रिक्स के सीईओ सुधीर पाई के मुताबिक बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से नई टाउनशिप अब लक्जरी हब बन रही हैं।
सरकार की नई नीतियां और बुनियादी ढांचे का असर
केंद्र सरकार ने 7 अप्रैल 2026 को दिल्ली के मास्टर प्लान-2021 के तहत ‘ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट’ (TOD) नीति को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि इससे मेट्रो और RRTS कॉरिडोर के पास किफायती घर मिलेंगे। इसके अलावा KMP एक्सप्रेसवे और राजीव गांधी एजुकेशन सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। स्क्वायर यार्ड्स की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी बुनियादी ढांचा नीतियों की वजह से इन शहरों में जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी।