Delhi की टीचर ने Telegram को कोर्ट में हराया, किताबों की पायरेसी करने वालों की खुलेगी पोल

Delhi: दिल्ली की एक टीचर नीतू सिंह ने अपनी मेहनत से लिखी किताबों की ऑनलाइन चोरी यानी पायरेसी के खिलाफ Telegram के विरुद्ध कानूनी जंग जीत ली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि जो लोग कॉपीराइ

Delhi: दिल्ली की एक टीचर नीतू सिंह ने अपनी मेहनत से लिखी किताबों की ऑनलाइन चोरी यानी पायरेसी के खिलाफ Telegram के विरुद्ध कानूनी जंग जीत ली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि जो लोग कॉपीराइट का उल्लंघन करते हैं, उन्हें प्राइवेसी का सहारा नहीं मिल सकता। कोर्ट ने टेलीग्राम को आदेश दिया कि वह पायरेसी करने वाले चैनलों के एडमिन की जानकारी साझा करे।

यह पूरा मामला नीतू सिंह और उनके कोचिंग सेंटर KD Campus प्राइवेट लिमिटेड का था, जिन्होंने टेलीग्राम प्लेटफॉर्म और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने 30 अगस्त 2022 को यह फैसला सुनाया था। कोर्ट ने साफ किया कि कॉपीराइट का उल्लंघन एक गंभीर अपराध है और इसे शुरू में ही रोकना जरूरी है। कोर्ट के मुताबिक, कोई भी अपराधी अपने गलत काम को छिपाने के लिए निजता के अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सकता।

इस केस में एक अहम बात यह रही कि टेलीग्राम के सर्वर सिंगापुर में होने के बावजूद दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना अधिकार क्षेत्र जताया। कोर्ट ने कहा कि चूंकि उल्लंघन भारत में हो रहा है, इसलिए भारतीय अदालतें इस पर कार्रवाई कर सकती हैं। साथ ही, सिंगापुर के पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2012 के तहत भी ऐसी जानकारी देना मान्य है। टेलीग्राम ने बाद में 30 नवंबर 2022 को उल्लंघन करने वाले चैनलों के एडमिन के फोन नंबर और आईपी एड्रेस कोर्ट को सौंप दिए थे।

हालांकि, इस कानूनी जीत के बाद भी चुनौती खत्म नहीं हुई है। जून 2026 के अपडेट के अनुसार, टेलीग्राम पर अब भी कई जगह कोचिंग सामग्री बेची जा रही है। कोर्ट ने उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की है जो VPN का इस्तेमाल कर रहे थे या पायरेटेड कोर्स खरीद रहे थे। ऐसे कई लोगों के खिलाफ कानूनी मामले अभी भी अदालत में लंबित हैं।