Delhi: दिल्ली के कई इलाकों में टीबी के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया था, जिसमें 24 मार्च से 5 मई 2026 के बीच 12,078 नए मरीज मिले। यह अभियान ‘टीबी मुक्त भारत अभि
Delhi: दिल्ली के कई इलाकों में टीबी के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया था, जिसमें 24 मार्च से 5 मई 2026 के बीच 12,078 नए मरीज मिले। यह अभियान ‘टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0’ के तहत चलाया गया था ताकि उन लोगों की पहचान हो सके जिन्हें बीमारी है लेकिन इलाज नहीं मिल रहा था।
स्क्रीनिंग अभियान में क्या जानकारी सामने आई
स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली के 38 हाई-रिस्क वार्डों में 984 आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाए। इन शिविरों में कुल 71,603 लोगों की जांच हुई, जिनमें से 16.8 प्रतिशत लोग टीबी पॉजिटिव पाए गए। जांच के लिए 64,764 चेस्ट एक्स-रे और 33,038 NAAT टेस्ट किए गए। इसमें 10,755 वयस्क और 1,323 बच्चे संक्रमित मिले।
EPTB और बच्चों पर असर की स्थिति
इस बार की रिपोर्ट में Extrapulmonary tuberculosis (EPTB) के मामले काफी ज्यादा देखे गए। कुल मरीजों में से 42 प्रतिशत (5,073 मरीज) EPTB के थे, जबकि देशभर में यह औसत केवल 20 से 24 प्रतिशत रहता है। बच्चों में संक्रमण मिलना भी चिंता का विषय है, क्योंकि कुल मरीजों में 11 प्रतिशत बच्चे शामिल हैं।
इलाज और सरकारी सुविधाएं क्या हैं
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री Pankaj Singh ने 30 अप्रैल 2026 को एक नया टीबी डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट सेंटर शुरू किया। यहां NAAT टेस्ट जैसी जांचें मुफ्त मिल रही हैं। साथ ही, दिल्ली के Intermediate Reference Laboratory (IRL) को अब एडवांस दवा टेस्टिंग का सर्टिफिकेट मिल गया है, जिससे MDR-TB और XDR-TB जैसे गंभीर मरीजों का इलाज अब दिल्ली में ही तेजी से हो सकेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में टीबी के कितने नए मरीज मिले और यह जांच कब हुई
24 मार्च से 5 मई 2026 के बीच चले स्क्रीनिंग अभियान में कुल 12,078 नए टीबी मरीज मिले। इसमें 10,755 वयस्क और 1,323 बच्चे शामिल थे।
EPTB क्या है और दिल्ली में इसकी स्थिति क्या है
EPTB वह टीबी है जो फेफड़ों के बाहर शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित करती है। दिल्ली में 42 प्रतिशत मरीज EPTB से ग्रसित मिले, जो राष्ट्रीय औसत 20-24 प्रतिशत से काफी अधिक है।