Delhi: राजधानी दिल्ली में टीबी के मरीजों की संख्या में बड़ा उछाल देखा गया है। पिछले छह हफ्तों के अंदर एक विशेष जांच अभियान के दौरान 12,078 नए टीबी मरीज मिले हैं। यह अभियान दिल्ली सरकार और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम
Delhi: राजधानी दिल्ली में टीबी के मरीजों की संख्या में बड़ा उछाल देखा गया है। पिछले छह हफ्तों के अंदर एक विशेष जांच अभियान के दौरान 12,078 नए टीबी मरीज मिले हैं। यह अभियान दिल्ली सरकार और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत चलाया गया, ताकि बीमारी की समय पर पहचान हो सके और इलाज शुरू किया जा सके।
कैसे हुई इतने मरीजों की पहचान और कौन हैं सबसे ज्यादा प्रभावित
स्वास्थ्य विभाग ने 24 मार्च से 5 मई 2026 के बीच एक विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया। इसमें कुल 71,603 लोगों की जांच की गई, जिसमें से 12,078 लोग टीबी संक्रमित पाए गए। इन मरीजों में 10,755 वयस्क और 1,323 बच्चे शामिल हैं। जांच के लिए झुग्गी-झोपड़ियों, नाइट शेल्टर, जेलों और प्रवासी मजदूरों की बस्तियों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों पर खास ध्यान दिया गया।
जांच में कौन सी नई तकनीक का हुआ इस्तेमाल
मरीजों की जल्दी पहचान के लिए हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों और AI आधारित जांच तकनीकों का उपयोग किया गया। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि जल्द पहचान ही इस बीमारी के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। आंकड़ों के मुताबिक, करीब 42% मामले एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी (EPTB) के हैं, जो फेफड़ों के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों को प्रभावित करती है। दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, शहर की लगभग 40% आबादी टीबी के बैक्टीरिया से संक्रमित है।
मरीजों को मिलने वाली सरकारी मदद और लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य 2025 तक देश से टीबी को पूरी तरह खत्म करना है। मरीजों की मदद के लिए निक्षय पोषण योजना (NPY) के तहत वित्तीय सहायता को ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 प्रति माह कर दिया गया है। दिल्ली सरकार समुदाय आधारित दृष्टिकोण अपना रही है ताकि हर संक्रमित व्यक्ति तक इलाज पहुँच सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में टीबी मरीजों की पहचान के लिए क्या कदम उठाए गए?
दिल्ली सरकार और NTEP ने 24 मार्च से 5 मई 2026 के बीच विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया, जिसमें हैंडहेल्ड एक्स-रे और AI तकनीक का इस्तेमाल कर 71,603 लोगों की जांच की गई।
टीबी मरीजों को सरकार की तरफ से कितनी आर्थिक मदद मिलती है?
निक्षय पोषण योजना (NPY) के तहत टीबी रोगियों के लिए वित्तीय सहायता को बढ़ाकर ₹1,000 प्रति माह प्रति रोगी कर दिया गया है।