Delhi में E-20 पेट्रोल नीति के खिलाफ 4 अगस्त को संसद मार्च करेंगे टैक्सी और टूर ऑपरेटर, सरकार से की समीक्षा की मांग
Delhi: राजधानी दिल्ली में टैक्सी और टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स ने सरकार की एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) पॉलिसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने 4 अगस्त
Delhi: राजधानी दिल्ली में टैक्सी और टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स ने सरकार की एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) पॉलिसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने 4 अगस्त को संसद तक एक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। यह फैसला 24 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लिया गया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट का कहना है कि देशभर के ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स ने E20 ईंधन के इस्तेमाल से माइलेज में कमी और इंजन की परफॉर्मेंस में गिरावट की शिकायत की है। उनका दावा है कि 2015 से पहले बनी गाड़ियां इस 20% एथेनॉल मिश्रण के लिए नहीं बनी थीं, जिससे मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है। उन्होंने साफ किया कि यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और गैर-राजनीतिक होगा।
दूसरी तरफ, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने संसद में स्पष्ट किया कि सरकार ने एथेनॉल ब्लेंडिंग को 20% से आगे बढ़ाने का कोई फैसला नहीं लिया है। उन्होंने E20 ईंधन को सुरक्षित और तकनीकी रूप से बेहतर बताया। सरकार का तर्क है कि इस पॉलिसी से कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी और किसानों को फायदा होगा। साथ ही, सरकार का कहना है कि पिछले कुछ सालों से E15 और E20 का इस्तेमाल हो रहा है और इंजन फेल होने की कोई व्यापक रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
टैक्सी ऑपरेटरों की मांगें सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने अन्य मुद्दों पर भी सरकार का ध्यान खींचा है:
- एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी की स्वतंत्र वैज्ञानिक समीक्षा की जाए।
- ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली टैक्सियों और बसों के लिए 80 किमी/घंटा की स्पीड लिमिट पर दोबारा विचार हो।
- व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी और BS-IV डीजल टूरिस्ट वाहनों पर लगी पाबंदियों की समीक्षा की जाए।
- पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइसेस (VLTD) का ऑडिट हो।
- हाई टोल टैक्स में कमी की जाए।
इस मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने मेटा, X और गूगल से उन पोस्ट और डीपफेक वीडियो को हटाने की मांग की है, जिनमें उन्हें E20 प्रोग्राम से जोड़कर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। गडकरी ने स्पष्ट किया कि इस पॉलिसी को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बनाया है, उनके मंत्रालय का इससे कोई लेना-देना नहीं है।