Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने एक ट्रांसवुमन जेन कौशिक को दिल्ली सरकार के स्कूलों में टीचर की नौकरी के लिए आवेदन करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने यह अंतरिम आदेश 10 अप्रैल 2026 को जारी किया। जेन कौशिक लंबे समय से अपने रोजगार के
Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने एक ट्रांसवुमन जेन कौशिक को दिल्ली सरकार के स्कूलों में टीचर की नौकरी के लिए आवेदन करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने यह अंतरिम आदेश 10 अप्रैल 2026 को जारी किया। जेन कौशिक लंबे समय से अपने रोजगार के अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें ‘ट्रांसजेंडर’ श्रेणी के तहत फॉर्म भरने की मंजूरी दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने आवेदन के लिए क्या आदेश दिया?
जेन कौशिक ने शिकायत की थी कि DSSSB के ऑनलाइन पोर्टल (OARS) पर केवल ‘पुरुष’ और ‘महिला’ के विकल्प थे, जिससे वे आवेदन नहीं कर पा रही थीं। जस्टिस जे.बी. परदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने इस समस्या को देखते हुए उन्हें ट्रांसजेंडर के तौर पर आवेदन करने की अनुमति दी। इसके साथ ही कोर्ट ने दिल्ली सरकार, शिक्षा निदेशालय और केंद्र सरकार को इस मामले में नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए क्या होगी नई नीति?
अदालत ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग रिक्तियां और एक सही भर्ती नीति बनाने की मांग पर विचार करने को कहा है। इस दिशा में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:
- अक्टूबर 2025 में जस्टिस आशा मेनन की अध्यक्षता में एक सलाहकार समिति बनाई गई है।
- यह समिति ट्रांसजेंडर लोगों के लिए ‘समान अवसर नीति’ तैयार कर रही है।
- ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत रोजगार में भेदभाव खत्म करने की मांग की गई है।
दिल्ली सरकार की अन्य योजनाएं और नियम
दिल्ली सरकार ने फरवरी 2026 में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कुछ अन्य सुविधाओं की बात कही थी। सरकार ने ‘स्माइल’ योजना, गरिमा गृह आश्रय स्थलों और ‘आयुष्मान भारत टीजी प्लस’ स्वास्थ्य कवरेज से जुड़े नियमों को 15 दिनों के भीतर अधिसूचित करने का वादा किया था। ये सभी कदम ट्रांसजेंडर व्यक्ति अधिनियम, 2019 के नियमों के अनुसार लागू किए जाएंगे।