Delhi के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में मरीजों की बढ़ी मुश्किलें, CT स्कैन के लिए लंबा इंतजार और मशीनों की खराबी से लोग परेशान
Delhi: दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। अस्पताल में सीटी स्कैन और रिपोर्ट मिलने में इतना समय लग रहा है कि मरीज तड़पने को मजबूर हैं। मशीनों के खर
Delhi: दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। अस्पताल में सीटी स्कैन और रिपोर्ट मिलने में इतना समय लग रहा है कि मरीज तड़पने को मजबूर हैं। मशीनों के खराब होने और एक्सपर्ट स्टाफ की कमी की वजह से कैंसर जैसे गंभीर रोग का निदान और इलाज काफी धीमा हो गया है।
हाल ही में एक मामला सामने आया जहां कैंसर के संदेह वाले एक मरीज के पिता को सीटी स्कैन के लिए 25 अगस्त की तारीख दी गई। जून के महीने में अगस्त की डेट मिलना मरीजों के लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। अस्पताल की एक्टिंग डायरेक्टर डॉ. सविता अरोड़ा ने माना है कि जांच सुविधाओं में सुधार के लिए काम चल रहा है और देरी के जिम्मेदार एक कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।
अस्पताल की हालत यह है कि जनवरी 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक यहां करीब 60 प्रतिशत स्टाफ की कमी है। न्यूक्लियर मेडिसिन स्पेशलिस्ट की पोस्ट 2019 से खाली पड़ी है, जिसकी वजह से PET-CECT और SPECT/CT जैसी जरूरी जांचें बंद हैं। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा है कि इस मुद्दे को केंद्र सरकार के साथ दोबारा उठाया जाएगा।
मरीजों को राहत देने के लिए दिल्ली सरकार और Indian Oil Corporation Limited (IOCL) के बीच एक समझौता हुआ है। इसके तहत अस्पताल में एक हाई-एनर्जी लीनियर एक्सीलरेटर लगाया जाएगा, जिससे एडवांस कैंसर ट्रीटमेंट मिल सकेगा। यह मशीन साल 2026 के अंत तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है। इसके अलावा, जो दिल्ली निवासी पात्र हैं, वे दिल्ली आरोग्य कोष (DAK) योजना के जरिए निजी सेंटरों से जांच करा सकते हैं।