Delhi के युवाओं को मिलेंगे स्टार्टअप के लिए 400 करोड़ रुपये, CM रेखा गुप्ता ने दी नई पॉलिसी को मंजूरी

Delhi: दिल्ली सरकार ने राजधानी के युवाओं को नौकरी ढूंढने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनाने के लिए ‘दिल्ली स्टार्टअप और इंक्यूबेशन पॉलिसी’ को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026

Delhi: दिल्ली सरकार ने राजधानी के युवाओं को नौकरी ढूंढने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनाने के लिए ‘दिल्ली स्टार्टअप और इंक्यूबेशन पॉलिसी’ को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को इस नीति पर मुहर लगाई। इसका मुख्य मकसद दिल्ली में इनोवेशन, रिसर्च और नए बिजनेस आइडियाज को बढ़ावा देना है ताकि छात्रों और शोधकर्ताओं को पैसों या मेंटरशिप की कमी न हो।

इस योजना के तहत अगले पांच सालों में 400 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जाएगा, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह राशि 500 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि 2035 तक दिल्ली को दुनिया का एक बड़ा इनोवेशन हब बनाया जाए और कम से कम 5,000 नए स्टार्टअप्स खड़े किए जाएं। इस पूरी प्रक्रिया की देखरेख के लिए उद्योगों विभाग (Department of Industries) को नोडल विभाग बनाया गया है।

पॉलिसी के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद और सुविधाओं की जानकारी नीचे दी गई है:

सुविधा विवरण
ब्याज मुक्त लोन मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को 10 लाख रुपये तक का लोन, पहले साल ब्याज माफ
किराया सहायता 3 साल तक सालाना 10 लाख रुपये तक के लीज रेंटल की वापसी
पेटेंट फीस घरेलू पेटेंट की फाइलिंग और कानूनी फीस का 100% रिफंड
ऑपरेशनल अलाउंस मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को 12 महीने तक 2 लाख रुपये महीना
प्रदर्शनी खर्च घरेलू इवेंट्स के लिए 5 लाख और अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स के लिए 10 लाख तक रिफंड
IP फाइलिंग भारतीय आवेदनों के लिए 1 लाख और अंतरराष्ट्रीय के लिए 3 लाख रुपये तक की मदद

सरकार इसके लिए ‘दिल्ली इनोवेशन हब’ बनाएगी और पूरे शहर में को-वर्किंग स्पेस का नेटवर्क तैयार करेगी, जहां स्टार्टअप्स को मुफ्त या सस्ती दरों पर जगह मिलेगी। यह पॉलिसी शुरुआत में 11 राज्य विश्वविद्यालयों, 13 सरकारी कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और ITI संस्थानों पर लागू होगी। सरकारी स्कूल के छात्र भी इन संस्थानों के जरिए इस योजना का लाभ ले सकेंगे।

बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली के सरकारी विभागों और PSU द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं का 10% हिस्सा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स से लिया जा सकता है। इसमें अनुभव और टर्नओवर जैसी पुरानी शर्तों में छूट दी जाएगी। स्टार्टअप के तौर पर मान्यता पाने के लिए कंपनी का दिल्ली में रजिस्टर्ड होना जरूरी है, वह 10 साल से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए और उसका सालाना टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से कम होना चाहिए।