Delhi में नीट अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन जारी, सोनम वांगचुक का वजन 7.8 किलो घटा, सेहत बिगड़ी
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक पिछले 15 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जिससे उनक
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक पिछले 15 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जिससे उनकी सेहत काफी गिर गई है। डॉक्टरों ने बताया कि उनका वजन 7.8 किलोग्राम कम हो गया है और ब्लड प्रेशर भी गिरकर 104/66 mm Hg तक पहुंच गया है।
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा चलाया जा रहा यह प्रदर्शन 23वें दिन में प्रवेश कर चुका है। सोनम वांगचुक 28 जून 2026 से इस भूख हड़ताल का हिस्सा हैं। उनके साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सदस्य नेहा, मनीष, दीपक कुमार वर्मा और अमीन भी अलग मंच पर अनशन कर रहे हैं। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
इस विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। केरल के पूर्व मंत्री के.के. शैलजा, के.एन. बालगोपाल, पी. राजीव और समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज जैसे नेताओं ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर अपनी एकजुटता दिखाई। हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक इन मांगों पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और वांगचुक की तबीयत और बिगड़ी, तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
आंदोलनकारियों ने अब 20 जुलाई 2026 को संसद तक मार्च निकालने का आह्वान किया है, जिस दिन मानसून सत्र का पहला दिन होगा। इस शांतिपूर्ण मार्च के जरिए वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे। साथ ही, परीक्षा में अनियमितताओं के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग भी उठाई जाएगी। इससे पहले 20 जून को पुलिस ने इस प्रदर्शन को अवैध घोषित कर स्थल खाली करने को कहा था।