Delhi में बिजली व्यवस्था होगी स्मार्ट, गांधी नगर में नया सबस्टेशन शुरू और छतों पर लगेंगे सोलर पैनल

Delhi: दिल्ली के लोगों को अब बिजली की बेहतर सप्लाई मिलेगी और प्रदूषण कम करने के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा। रविवार, 19 जुलाई 2026 को पूर्वी दिल्ली में बिजली मंत्री आशीष सूद और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा

Delhi: दिल्ली के लोगों को अब बिजली की बेहतर सप्लाई मिलेगी और प्रदूषण कम करने के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा। रविवार, 19 जुलाई 2026 को पूर्वी दिल्ली में बिजली मंत्री आशीष सूद और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने दो बड़ी योजनाओं की शुरुआत की। इसके तहत गांधी नगर में एक आधुनिक स्मार्ट सबस्टेशन खोला गया और ‘सोलराइज ईस्ट’ अभियान शुरू किया गया है।

गांधी नगर में लगाया गया यह नया स्मार्ट पैड-माउंटेड सबस्टेशन 2000 केवीए क्षमता का है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पुराने सबस्टेशनों के मुकाबले 80% कम जगह घेरता है। इसमें SCADA जैसी नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे बिजली की निगरानी आसान होगी और अगर कहीं खराबी आती है, तो उसका पता तेजी से चल जाएगा। इससे इलाके में बिजली कटौती कम होगी और सप्लाई ज्यादा भरोसेमंद रहेगी।

साथ ही, सरकार ने ‘सोलराइज ईस्ट’ अभियान शुरू किया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी छतों पर सोलर पैनल लगवा सकें। यह काम ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ और दिल्ली सौर नीति के तहत किया जाएगा। शुरुआत में इसे दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में लागू किया जाएगा और बाद में अन्य इलाकों में भी ले जाया जाएगा। बिजली मंत्री आशीष सूद ने लोगों से अपील की है कि वे सिर्फ बिजली खरीदें नहीं, बल्कि खुद पैदा करें और बची हुई बिजली ग्रिड को बेचकर पैसे कमाएं।

बिजली मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने बिजली ढांचे को सुधारने के लिए एक साल में 1,427 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस साल दिल्ली में 8,748 मेगावाट की अब तक की सबसे ज्यादा बिजली मांग रही, जिसे बिना किसी बड़ी कटौती के पूरा किया गया। इसके अलावा, अब कृषि भूमि पर सोलर प्लांट लगाने के नियमों को भी आसान बनाया गया है, जिससे किसानों को जमीन बदलने की जरूरत नहीं होगी और वे बिजली बेचकर कमाई कर सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने BSES द्वारा शुरू की गई इन पहलों की तारीफ की और कहा कि इससे दिल्ली का बिजली ढांचा भविष्य की जरूरतों के हिसाब से स्मार्ट बनेगा। इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक, पार्षद और आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।