Delhi में अब चेहरा स्कैन कर मिलेगा राशन, स्मार्ट कार्ड में होगा QR कोड, घर बैठे ट्रैक कर सकेंगे अनाज

Delhi: दिल्ली सरकार राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने जा रही है। अब शहर के राशन कार्ड धारकों को अनाज लेने के लिए फिंगरप्रिंट की समस्या नहीं होगी, क्योंकि सरकार ‘स्मार्ट-पीडीएस’ (Smart Public Distrib

Delhi: दिल्ली सरकार राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने जा रही है। अब शहर के राशन कार्ड धारकों को अनाज लेने के लिए फिंगरप्रिंट की समस्या नहीं होगी, क्योंकि सरकार ‘स्मार्ट-पीडीएस’ (Smart Public Distribution System) प्रोजेक्ट लॉन्च करने की तैयारी में है। इस नई व्यवस्था से दिल्ली के करीब 17 लाख राशन कार्ड धारकों को सीधा फायदा मिलेगा।

इस प्रोजेक्ट के तहत नए राशन कार्डों में QR कोड और फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) जोड़ी जाएगी। अक्सर देखा गया है कि बुजुर्गों या मजदूरों के फिंगरप्रिंट घिस जाने के कारण उन्हें राशन लेने में दिक्कत आती है, ऐसे में अब चेहरे के जरिए वेरिफिकेशन हो सकेगा। इसके अलावा, लाभार्थी अब अपने मोबाइल से ही यह पता लगा सकेंगे कि उनके हिस्से का गेहूं और चावल दुकान पर आया है या नहीं।

दिल्ली सरकार के खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ने इस सिस्टम की जांच के लिए 16 सदस्यों वाली एक ‘यूजर एक्सेप्टेंस टेस्टिंग’ (UAT) कमेटी बनाई है। यह कमेटी RCMS ऐप के सभी फीचर्स की समीक्षा कर रही है। बता दें कि यह केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित प्रोजेक्ट है, जिसे 5 अगस्त 2025 को शुरू किया गया था और इसे 2031 तक चलाने का फैसला लिया गया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 28 अप्रैल 2026 को अधिकारियों को स्मार्ट राशन कार्ड जारी करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, राशन कार्ड से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए 1 मई 2026 से हर शनिवार को ‘जन शिकायत समाधान शिविर’ लगाने की घोषणा भी की गई है। इस डिजिटल सिस्टम से राशन की कालाबाजारी और हेराफेरी पर लगाम लगेगी और सही व्यक्ति तक अनाज पहुंचेगा।

इस नई व्यवस्था की कुछ खास बातें नीचे दी गई हैं:

सुविधा विवरण
सत्यापन तरीका QR कोड और फेशियल रिकग्निशन (चेहरा स्कैन)
ट्रैकिंग राशन की उपलब्धता ऑनलाइन चेक करने की सुविधा
मैनेजमेंट परिवार के सदस्यों के नाम ऑनलाइन जोड़ना या हटाना आसान
पोर्टेबिलिटी ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ के तहत देश में कहीं भी राशन उपलब्ध
उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और कालाबाजारी रोकना