Delhi: राजधानी दिल्ली की सड़कों को अब और भी चमकदार और सुरक्षित बनाया जाएगा। दिल्ली सरकार ने 473.24 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट एलईडी लाइटिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य दिवाली के त्योहार से पहल
Delhi: राजधानी दिल्ली की सड़कों को अब और भी चमकदार और सुरक्षित बनाया जाएगा। दिल्ली सरकार ने 473.24 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट एलईडी लाइटिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य दिवाली के त्योहार से पहले प्रमुख सड़कों पर रोशनी की व्यवस्था को बेहतर करना है ताकि लोगों को आने-जाने में आसानी हो।
स्मार्ट लाइटिंग प्रोजेक्ट में क्या खास होगा?
इस प्रोजेक्ट के तहत लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़कों पर लगी करीब 96,000 पुरानी स्ट्रीट लाइटों को हटाकर उनकी जगह नई ऊर्जा-कुशल स्मार्ट एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इसके अलावा, जिन इलाकों में अंधेरा रहता है वहां 5,000 नए पोल भी लगाए जाएंगे। इससे शहर के डार्क स्पॉट खत्म होंगे और रात के समय महिला सुरक्षा में भी सुधार होगा।
निगरानी और बिजली की बचत कैसे होगी?
नई व्यवस्था में एक सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (CCC) बनाया जाएगा। यह सेंटर रियल-टाइम में हर लाइट की निगरानी करेगा, जिससे किसी भी लाइट के खराब होने का पता तुरंत चल जाएगा और उसे जल्दी ठीक किया जा सकेगा। सरकार का अनुमान है कि इस नई तकनीक से बिजली की खपत कम होगी और हर साल लगभग 25 करोड़ रुपये की बचत होगी।
किन्होंने दी मंजूरी और क्या है समय सीमा?
बुधवार, 20 मई 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में इस प्रोजेक्ट पर मुहर लगी। बैठक में PWD मंत्री परवेश साहिब सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कदम 2026-27 के बजट की घोषणाओं का हिस्सा है और कोशिश रहेगी कि दिवाली तक प्रमुख सड़कों का काम पूरा कर लिया जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में कितनी स्ट्रीट लाइटें बदली जाएंगी?
PWD की सड़कों पर लगभग 96,000 पुरानी लाइटों को स्मार्ट एलईडी सिस्टम से बदला जाएगा और 5,000 नए पोल लगाए जाएंगे।
इस प्रोजेक्ट से सरकार को क्या फायदा होगा?
इस प्रोजेक्ट से बिजली की खपत कम होगी जिससे सालाना करीब 25 करोड़ रुपये की बचत होगी और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से सुरक्षा बढ़ेगी।