Delhi में झुग्गी बस्तियों के लिए बड़ी राहत, अब 2025 तक के निवासी भी पाएंगे पक्का मकान

Delhi: दिल्ली सरकार ने स्लम रिहैबिलिटेशन स्कीम के तहत पात्रता की तारीख बढ़ाकर अब 1 जनवरी 2025 कर दी है। इस बड़े फैसले से राजधानी के करीब 20 लाख लोगों को फायदा होगा और लगभग 4 से 5 लाख परिवारों को अपना पक्का घर मिल सकेगा।

Delhi: दिल्ली सरकार ने स्लम रिहैबिलिटेशन स्कीम के तहत पात्रता की तारीख बढ़ाकर अब 1 जनवरी 2025 कर दी है। इस बड़े फैसले से राजधानी के करीब 20 लाख लोगों को फायदा होगा और लगभग 4 से 5 लाख परिवारों को अपना पक्का घर मिल सकेगा। यह निर्णय ‘दिल्ली स्लम एंड जेजे क्लस्टर रिहैबिलिटेशन एंड रिलोकेशन पॉलिसी, 2026’ के तहत लिया गया है।

पहले इस योजना का कट-ऑफ 1 जनवरी 2015 था, जिसे अब बढ़ाकर सीधे 10 साल आगे कर दिया गया है। यह नई पॉलिसी 16 जून 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में फाइनल हुई थी। इसके बाद 23 जून 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में DUSIB की 36वीं बोर्ड मीटिंग में इसे आधिकारिक मंजूरी मिल गई।

इस नई नीति का मकसद झुग्गी-झोपड़ी (JJ) क्लस्टर्स में रहने वालों को सुरक्षित घर और बेहतर सुविधाएं देना है। इन नई कॉलोनियों में स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी केंद्र और बच्चों के लिए खेल के मैदान जैसी बुनियादी सुविधाएं भी होंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इन हाउसिंग कॉलोनियों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर विकसित किया जाएगा, जिससे लाखों परिवारों को सम्मानजनक जीवन मिल सकेगा।

शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह कदम ‘विकसित राजधानी’ बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है, जिससे दिल्ली के ज्यादातर झुग्गी निवासी अब पक्के मकान के हकदार बन गए हैं। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने DDA और DUSIB को निर्देश दिए हैं कि वे 45 दिनों के भीतर 5 जेजे क्लस्टर्स के लिए टेंडर जारी करें और अगले 50 क्लस्टर्स के दस्तावेज तैयार करें। साथ ही, हर महीने कम से कम 5 PPP आधारित प्रोजेक्ट्स के टेंडर निकालने के निर्देश दिए गए हैं।

एक खास प्रावधान यह भी विचार किया जा रहा है कि अगर एक ही झुग्गी ढांचे में अलग-अलग मंजिलों पर परिवार के सदस्य रहते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त शुल्क देकर पात्रता दी जा सकती है।