Delhi: राजधानी दिल्ली की झुग्गियों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए भीषण गर्मी एक बड़ा खतरा बन गई है। अप्रैल 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने से इन महिलाओं को चक्कर आना, नींद न आना और
Delhi: राजधानी दिल्ली की झुग्गियों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए भीषण गर्मी एक बड़ा खतरा बन गई है। अप्रैल 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने से इन महिलाओं को चक्कर आना, नींद न आना और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो रही हैं। पोषण की कमी और खराब स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच यह गर्मी उनकी और उनके होने वाले बच्चे की जान जोखिम में डाल रही है।
गर्मी का गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर क्या असर हो रहा है?
पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादा गर्मी की वजह से गर्भवती महिलाओं में डिहाइड्रेशन, उल्टी और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ गया है। अगर प्रेगनेंसी के दूसरे ट्राइमेस्टर में गर्मी का असर ज्यादा हो, तो बच्चे के शारीरिक विकास में दिक्कत आ सकती है। बाद के चरणों में यह स्थिति समय से पहले डिलीवरी (pre-term birth) या स्टिलबर्थ का कारण बन सकती है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ता है और गर्मी से होने वाली मौतों में महिलाओं का जोखिम 14 गुना ज्यादा होता है।
दिल्ली की झुग्गियों में स्वास्थ्य और पोषण की क्या स्थिति है?
दिल्ली में स्वास्थ्य ढांचा होने के बावजूद झुग्गियों में रहने वाले लोग बुनियादी इलाज से दूर हैं। 2025 के नेशनल अर्बन हेल्थ इंडेक्स के अनुसार, करीब 60% झुग्गी परिवारों की पहुंच 3 किलोमीटर के दायरे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं है। पोषण की बात करें तो 58% शहरी गरीब महिलाएं एनीमिया (खून की कमी) से जूझ रही हैं, जो मातृ मृत्यु दर का एक बड़ा कारण है। साथ ही, 62% घरों में अब भी अपने शौचालय नहीं हैं, जिससे महिलाओं को संक्रमण और किडनी से जुड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ता है।
बचाव के लिए डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने क्या सलाह दी है?
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि काम करने वाली जगहों पर बेहतर शेड और छत का इंतजाम होना चाहिए ताकि हीट स्ट्रेस कम हो सके। महिलाओं को लगातार पानी पीते रहने और हाइड्रेटेड रहने की जरूरत है। अगर चक्कर आएं, उल्टी हो या बेहोशी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। पब्लिक हेल्थ प्रोफेशनल साल्वे ने कहा कि IMD की चेतावनियों को झुग्गियों में रहने वाले लोगों तक पहुंचाना बहुत जरूरी है ताकि समय रहते बचाव किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गर्मी का प्रेगनेंसी पर क्या असर पड़ता है?
ज्यादा गर्मी से डिहाइड्रेशन, हाई ब्लड प्रेशर और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। इससे समय से पहले डिलीवरी या बच्चे के विकास में समस्या जैसी गंभीर स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
दिल्ली की झुग्गियों में स्वास्थ्य सेवाओं की क्या स्थिति है?
करीब 60% झुग्गी परिवारों के पास 3 किमी के दायरे में प्राइमरी हेल्थकेयर नहीं है और 58% महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, जिससे मातृ स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।