Delhi: राजधानी दिल्ली में एक स्लीपर बस के अंदर महिला के साथ गैंगरेप की शर्मनाक घटना सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बस ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता की शिकायत पर रानी बाग प
Delhi: राजधानी दिल्ली में एक स्लीपर बस के अंदर महिला के साथ गैंगरेप की शर्मनाक घटना सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बस ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता की शिकायत पर रानी बाग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
कैसे हुई यह वारदात और क्या है पूरा मामला
यह घटना 11 मई 2026 की रात को हुई। पीड़िता 30 साल की शादीशुदा महिला है, जो पीतमपुरा के एक स्लम क्लस्टर में रहती है और मंगोलपुरी की एक फैक्ट्री में काम करती है। बताया गया है कि सरस्वती विहार के बी-ब्लॉक बस स्टैंड के पास महिला ने एक आरोपी से समय पूछा था, जिसके बाद उसे जबरन बस में खींच लिया गया। इसके बाद बस नांगलोई की तरफ ले जाई गई, जहां करीब दो घंटे तक उसके साथ दरिंदगी की गई।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की पहचान
डीसीपी (आउटर) विक्रम सिंह ने पुष्टि की है कि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 40 वर्षीय ड्राइवर उमेश कुमार और 45 वर्षीय कंडक्टर रामेंडर के रूप में हुई है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्लीपर बस को जब्त कर लिया है। यह बस Royal Travels and Cargo कंपनी से जुड़ी है, जिसका मुख्य कार्यालय फरीदाबाद के श्री हरि प्लाजा में है। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
बस में नियमों की अनदेखी और सुरक्षा में चूक
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बस में कई नियमों का उल्लंघन किया गया था। बस की खिड़कियों पर काली फिल्म लगी थी और इसमें इमरजेंसी एग्जिट जैसे जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। पुलिस अब इस मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और यह भी जांच कर रही है कि बस के दरवाजे ऑटोमैटिक थे या नहीं। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसकी तुलना 2012 के निर्भया केस से की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कौन सी धाराएं लगाई हैं
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) (रेप), 70(1) (गैंगरेप) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
घटना के बाद पीड़िता की स्थिति क्या है
पीड़िता के तीन छोटे बच्चे और एक बीमार पति है। पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उसने अस्पताल में भर्ती होने से इनकार कर दिया था।