Delhi: दिल्ली के निवासियों के लिए अपनी वोटर आईडी और चुनावी सूची को अपडेट कराने का समय आ गया है। Election Commission of India (ECI) ने दिल्ली समेत कई राज्यों में Special Intensive Revision (SIR) का तीसरा चरण शुरू किया है।
Delhi: दिल्ली के निवासियों के लिए अपनी वोटर आईडी और चुनावी सूची को अपडेट कराने का समय आ गया है। Election Commission of India (ECI) ने दिल्ली समेत कई राज्यों में Special Intensive Revision (SIR) का तीसरा चरण शुरू किया है। इस 3 महीने की प्रक्रिया का मकसद वोटर लिस्ट से गलत नाम हटाना और नए पात्र लोगों को जोड़ना है ताकि चुनाव के समय कोई परेशानी न हो।
SIR प्रक्रिया क्या है और यह कैसे काम करेगी?
Special Intensive Revision एक बड़ा अभियान है जिसमें Booth Level Officers (BLOs) घर-घर जाकर लोगों के विवरण की जांच करेंगे। इसमें पुराने और गलत डेटा को हटाया जाएगा और सही जानकारी जोड़ी जाएगी। वोटर को अपने नाम, पते और फोटो की जांच करनी होगी। जो लोग पिछली लिस्ट में नहीं थे, उन्हें नागरिकता के दस्तावेज देने पड़ सकते हैं।
वोटरों को किन बातों का ध्यान रखना होगा?
- सभी रजिस्टर्ड वोटरों को Enumeration Forms भरने होंगे, जिनमें पहले से मौजूद जानकारी को वेरिफाई करना होगा।
- कुछ वोटरों को अपनी मौजूदा Voter ID को 2002, 2003 या 2005 की पुरानी लिस्ट (Legacy Data) से जोड़ना पड़ सकता है।
- फॉर्म ऑनलाइन भी जमा किए जा सकते हैं, जिसके लिए Aadhaar-based e-sign और मोबाइल नंबर का लिंक होना जरूरी है।
- राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि (BLAs) भी इस प्रक्रिया की पारदर्शिता देखने के लिए मौजूद रहेंगे।
जरूरी तारीखें और समय सीमा
ECI ने 14 मई 2026 को फेज-III की घोषणा की थी, जिसमें दिल्ली, चंडीगढ़ और दादरा नगर हवेली शामिल हैं। दिल्ली में इसकी तैयारियां पिछले दो-तीन महीनों से चल रही हैं। इस प्रक्रिया के बाद फाइनल वोटर लिस्ट 6 सितंबर से 23 दिसंबर 2026 के बीच जारी होने की उम्मीद है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सभी नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
SIR प्रक्रिया में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
वोटर ECI के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं। इसके लिए आपका मोबाइल नंबर EPIC (वोटर आईडी) से लिंक होना चाहिए और Aadhaar-based e-sign वेरिफिकेशन की जरूरत होगी।
क्या पुराने वोटर लिस्ट के दस्तावेज जरूरी हैं?
हाँ, कुछ मामलों में residency और वंश की पुष्टि के लिए 2002, 2003 या 2005 की पुरानी चुनावी सूचियों (Legacy Data) से रिकॉर्ड लिंक करने को कहा जा सकता है।