Delhi के GK-2 में महिलाओं के लिए खुला आधुनिक हेल्थकेयर सेंटर, IVF और फर्टिलिटी के लिए मिलेंगी एडवांस सुविधाएं
Delhi: राजधानी दिल्ली की महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा विस्तार हुआ है। ग्रेटर कैलाश-II में ‘SHE – Sampurna Health Enclave (SHE Delhi)’ नाम से एक आधुनिक फर्टिलिटी और हेल्थकेयर सेंटर शुरू किया गया
Delhi: राजधानी दिल्ली की महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा विस्तार हुआ है। ग्रेटर कैलाश-II में ‘SHE – Sampurna Health Enclave (SHE Delhi)’ नाम से एक आधुनिक फर्टिलिटी और हेल्थकेयर सेंटर शुरू किया गया है। इस सेंटर का उद्घाटन 25 जून 2026 को नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की सांसद श्रीमती बंसुरी स्वराज ने किया। इस मौके पर मालवीय नगर के विधायक श्री सतीश उपाध्याय और पूर्व दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी मौजूद रहे।
इस सेंटर की शुरुआत डॉ. सुतपा सेन और डॉ. प्रतिम सेनगुप्ता ने की है। डॉ. सुतपा सेन ने बताया कि ‘संपूर्ण’ शब्द का अर्थ पूरी देखभाल से है, जो समाज में महिलाओं की अहम भूमिका को देखते हुए उनके लिए जरूरी है। वहीं डॉ. प्रतिम सेनगुप्ता ने कहा कि आधुनिक इलाज के साथ-साथ मरीजों के लिए भरोसा और पारदर्शिता सबसे ज्यादा जरूरी है। सेंटर का मकसद सिर्फ इलाज करना नहीं, बल्कि महिलाओं को भावनात्मक सहारा देना और उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी है।
SHE Delhi सेंटर में महिलाओं के लिए एक ही छत के नीचे कई सुविधाएं दी जा रही हैं। यहाँ IVF, ICSI, एम्ब्रियोस्कोप टाइम-लैप्स सिस्टम के जरिए भ्रूण की निगरानी, फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन और एडवांस एम्ब्रियोलॉजी लैब की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा यहाँ गाइनेकोलॉजिकल एंडोस्कोपी, जेनेटिक काउंसलिंग और भ्रूण चिकित्सा (fetal medicine) की देखभाल भी की जाएगी।
संस्थापकों ने यह भी बताया कि वे भविष्य में युवा डॉक्टरों और एम्ब्रियोलॉजिस्ट के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करेंगे ताकि भारत के हेल्थकेयर वर्कफोर्स को मजबूत किया जा सके। साथ ही, सेंटर में रूटीन इलाज के अलावा वेलनेस प्रोग्राम और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर सेवाओं को भी जोड़ा जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बीच सरकार ने भी कड़े कदम उठाए हैं। 25 जून 2026 को केंद्र सरकार ने फर्टिलिटी क्लीनिकों के रजिस्ट्रेशन के समय-समय पर रिन्यूअल को अनिवार्य कर दिया है। यह फैसला मरीजों के भरोसे को बढ़ाने और क्लीनिकों की निगरानी को बेहतर बनाने के लिए लिया गया। वहीं, दिल्ली की एक अदालत ने 15 जून 2026 को एक IVF केस में FIR दर्ज करने का आदेश दिया, जहाँ DNA टेस्ट में पता चला कि जुड़वां बच्चियां माता-पिता से जैविक रूप से संबंधित नहीं थीं। इस घटना ने फर्टिलिटी सेंटर्स में पारदर्शिता की जरूरत को और बढ़ा दिया है।