Delhi: राजधानी दिल्ली के छतरपुर इलाके में स्थित श्री सिद्ध शक्ति पीठ शनि धाम में एक बहुत बड़ा धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। यहाँ शनि अमावस्या और शनि जयंती एक साथ मनाई जाएगी। खास बात यह है कि ऐसा दुर्लभ संयोग 23 साल के लं
Delhi: राजधानी दिल्ली के छतरपुर इलाके में स्थित श्री सिद्ध शक्ति पीठ शनि धाम में एक बहुत बड़ा धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। यहाँ शनि अमावस्या और शनि जयंती एक साथ मनाई जाएगी। खास बात यह है कि ऐसा दुर्लभ संयोग 23 साल के लंबे अंतराल के बाद बन रहा है, जिसे लेकर भक्तों में काफी उत्साह है।
शनि जयंती और अमावस्या का दुर्लभ संयोग कब है?
यह विशेष आयोजन साल 2026 में शनिवार, 16 मई को होगा। इस दिन शनि जयंती और शनि अमावस्या दोनों एक ही दिन पड़ रहे हैं। अमावस्या तिथि 16 मई को सुबह 5:11 बजे शुरू होगी और 17 मई को रात 1:30 बजे तक रहेगी। शनिवार के दिन इस संयोग के आने से इसे ‘शनिश्चरी अमावस्या’ कहा जा रहा है, जिसे आध्यात्मिक रूप से बहुत प्रभावशाली माना जाता है।
शनि धाम में कैसे होगा आयोजन और क्या हैं नियम?
यह उत्सव असोला फतेहपुर बेरी, छतरपुर स्थित श्री सिद्ध शक्ति पीठ शनि धाम में मनाया जाएगा। इस पीठ के पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर परमहंस दाती जी महाराज हैं। इस दिन श्रद्धालु शनि देव की पूजा-अर्चना, मंत्र जाप और उपवास रखेंगे। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ होता है।
शनि दोष से मुक्ति के लिए क्या उपाय करेंगे लोग?
भक्तों का मानना है कि इस दुर्लभ दिन किए गए उपाय शनि दोष और साढ़े साती के प्रभाव को कम करने में ज्यादा असरदार होते हैं। लोग इस मौके पर जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और जूते-चप्पल दान करेंगे। मंदिर में विशेष प्रार्थना और ध्यान का आयोजन भी किया जाएगा ताकि लोग शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शनि जयंती और शनि अमावस्या का संयोग कब है?
यह दुर्लभ संयोग 16 मई 2026 को शनिवार के दिन होगा। अमावस्या तिथि 16 मई सुबह 5:11 से शुरू होकर 17 मई रात 1:30 बजे तक रहेगी।
यह आयोजन दिल्ली में कहाँ होगा?
यह धार्मिक उत्सव दिल्ली के छतरपुर स्थित असोला फतेहपुर बेरी के श्री सिद्ध शक्ति पीठ शनि धाम में आयोजित किया जाएगा।