Delhi के ‘मनहूस’ बंगले की बदलेगी सूरत, अब यहां से कंट्रोल होगा शहर का आपदा प्रबंधन

Delhi: सिविल लाइंस के 33 शामनाथ मार्ग वाले सरकारी बंगले को लेकर अब तक कई तरह की बातें होती थीं। नेता इसे राजनीतिक रूप से मनहूस मानते थे, लेकिन अब यह बंगला दिल्ली की सुरक्षा के लिए एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। यहां एक ह

Delhi: सिविल लाइंस के 33 शामनाथ मार्ग वाले सरकारी बंगले को लेकर अब तक कई तरह की बातें होती थीं। नेता इसे राजनीतिक रूप से मनहूस मानते थे, लेकिन अब यह बंगला दिल्ली की सुरक्षा के लिए एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। यहां एक हाई-टेक आपदा प्रबंधन नियंत्रण एवं संचालन केंद्र (EOCC) बनाया जाएगा, जिससे पूरे शहर की निगरानी होगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साल 2026-27 के बजट में इस प्रोजेक्ट के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने यहां अपना नया मुख्यालय बनाने की तैयारी कर ली है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने इस काम के लिए विशेषज्ञों और सलाहकारों को नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके पहले चरण के लिए करीब 17.37 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

यह पूरा सिस्टम बेंगलुरु के मॉडल पर आधारित होगा। इस केंद्र का मुख्य काम बाढ़, भूकंप, आग, आतंकी हमले और महामारी जैसी आपात स्थितियों में तेजी से निर्णय लेना और एक्शन लेना होगा। एक डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए पूरी दिल्ली का डेटा एक ही जगह दिखेगा। इसमें दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, जल बोर्ड, बिजली कंपनियों और मौसम विभाग के डेटा को जोड़ा जाएगा।

PWD ने कंसल्टेंसी सेवाओं के लिए निविदा जारी कर दी है। चुनी गई एजेंसी को दो महीने के भीतर इस प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) देनी होगी। इसमें बिल्डिंग का मास्टर प्लान और तकनीकी डिजाइन तैयार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक दिल्ली को किसी भी बड़े संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया जाए।