Delhi: राजधानी के शालीमार बाग इलाके के हैदरपुर गांव में प्रशासन ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। रविवार, 31 मई 2026 को शुरू हुआ यह बुलडोजर अभियान सोमवार, 1 जून को भी जारी रहा। इस कार्रवाई के तहत सड़क चौड़ीक
Delhi: राजधानी के शालीमार बाग इलाके के हैदरपुर गांव में प्रशासन ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। रविवार, 31 मई 2026 को शुरू हुआ यह बुलडोजर अभियान सोमवार, 1 जून को भी जारी रहा। इस कार्रवाई के तहत सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के लिए कई अवैध इमारतों को गिराया गया, जिसमें पूर्व AAP विधायक वंदना कुमारी का ऑफिस भी शामिल था।
सड़क चौड़ीकरण के लिए क्यों हुई यह कार्रवाई?
प्रशासन ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई रोड नंबर 320 को चौड़ा करने के लिए की गई है। इससे शालीमार बाग, आजादपुर और रिंग रोड के बीच ट्रैफिक की समस्या कम होगी और कनेक्टिविटी बेहतर होगी। जिला मजिस्ट्रेट एस.एस. परिहार के मुताबिक, यह जमीन सरकार की है और मास्टर प्लान के तहत यहां पब्लिक रोड बनना तय था। सर्वे में पाया गया कि राइट ऑफ वे के दायरे में 143 अवैध पक्के निर्माण थे, जिन्हें हटाना जरूरी था।
कोर्ट का क्या था आदेश और क्या है नियम?
इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने दखल दिया था। हाई कोर्ट ने अप्रैल और मई 2026 में याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसके बाद 29 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने भी इस स्कीम को चुनौती देने वाली अर्जी खारिज कर दी। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों को जनवरी 2026 में ही नोटिस जारी कर दिए गए थे। दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 और यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लॉज 2016 के नियमों का उल्लंघन करने वाली किसी भी बिल्डिंग को अवैध माना गया है।
प्रभावित परिवारों के लिए सरकार ने क्या मदद तय की है?
बुलडोजर कार्रवाई से बेघर हुए पात्र परिवारों के लिए दिल्ली सरकार ने राहत पैकेज का ऐलान किया है। इसके तहत पात्र परिवारों को 3 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि दी जाएगी। जिन लोगों के पास दिल्ली में रहने का कोई दूसरा ठिकाना नहीं है, उन्हें सावदा घेवरा में 11 महीने तक के लिए अस्थाई आवास मुहैया कराया जाएगा। मौके पर सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस और CRPF के भारी जवान तैनात रहे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शालीमार बाग में बुलडोजर कार्रवाई क्यों की गई?
यह कार्रवाई हैदरपुर गांव के रोड नंबर 320 के चौड़ीकरण के लिए की गई है, ताकि इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म हो सके और कनेक्टिविटी बेहतर हो।
प्रभावित लोगों को सरकार से क्या मदद मिलेगी?
पात्र परिवारों को 3 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी और जिनके पास घर नहीं है, उन्हें सावदा घेवरा में 11 महीने के लिए अस्थाई आवास मिलेगा।