Delhi: दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। 31 मई 2026 से शुरू हुई इस कार्रवाई में करीब 143 से 157 अनधिकृत निर्माणों को तोड़ा जा रहा है। इलाके में सुरक्षा के लिए भारी
Delhi: दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। 31 मई 2026 से शुरू हुई इस कार्रवाई में करीब 143 से 157 अनधिकृत निर्माणों को तोड़ा जा रहा है। इलाके में सुरक्षा के लिए भारी संख्या में दिल्ली पुलिस और CRPF जैसे अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
क्यों की जा रही है यह कार्रवाई और क्या है पूरा मामला
यह पूरा मामला रोड नंबर 320 को चौड़ा करने से जुड़ा है, जो शालीमार बाग रेलवे अंडर ब्रिज को आउटर रिंग रोड से जोड़ता है। प्रशासन का कहना है कि इस सड़क के चौड़ा होने से शालीमार बाग, आज़ादपुर और रिंग रोड के बीच आने-जाने वाले लोगों को जाम से राहत मिलेगी। इस जमीन का अधिग्रहण 1980 में ही दिल्ली सरकार ने कर लिया था और कब्जाधारियों को मुआवजा भी दिया गया था। जनवरी 2026 के सर्वे में 30 मीटर के दायरे में 143 स्थायी अवैध निर्माण पाए गए थे।
अदालती आदेश और प्रशासन का क्या कहना है
जिला मजिस्ट्रेट एस.एस. परिहार ने बताया कि यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद की जा रही है। कोर्ट ने 30 मई तक संपत्ति खाली करने की समय सीमा दी थी, जिसके बाद यह अभियान शुरू हुआ। सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस योजना को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। प्रशासन के मुताबिक, किसी भी कब्जाधारी के पास इस जमीन के मालिकाना हक के आधिकारिक दस्तावेज नहीं मिले हैं।
प्रभावित परिवारों के लिए क्या है राहत पैकेज
दिल्ली सरकार ने उन परिवारों की मदद के लिए एक राहत पैकेज की घोषणा की है जो इस कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं। पात्र परिवारों को 3 लाख रुपये का एकमुश्त अनुग्रह भुगतान दिया जाएगा। इसके अलावा, जिन परिवारों के पास दिल्ली में रहने के लिए कोई दूसरा घर नहीं है, उन्हें सावदा घेवरा में 11 महीने के लिए लाइसेंस-आधारित अस्थायी आवास मुहैया कराया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शालीमार बाग में बुलडोजर कार्रवाई क्यों हो रही है?
यह कार्रवाई रोड नंबर 320 के चौड़ीकरण के लिए की जा रही है, ताकि शालीमार बाग रेलवे अंडर ब्रिज और आउटर रिंग रोड के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो सके और ट्रैफिक जाम कम हो।
प्रभावित लोगों को सरकार क्या मदद दे रही है?
पात्र प्रभावित परिवारों को 3 लाख रुपये का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा और जिनके पास घर नहीं है, उन्हें सावदा घेवरा में 11 महीने के लिए अस्थायी आवास दिया जाएगा।