Delhi: शाहदरा साइबर पुलिस ने एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गिरोह के मुख्य सरगना प्रदीप उर्फ ‘अल्फा’
Delhi: शाहदरा साइबर पुलिस ने एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गिरोह के मुख्य सरगना प्रदीप उर्फ ‘अल्फा’ और तेजपाल सिंह उर्फ ‘किंग’ भी शामिल हैं। इस गिरोह ने देशभर के लोगों को अपना शिकार बनाकर 8 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की है।
ठग कैसे करते थे लोगों के साथ धोखाधड़ी?
यह गिरोह सोशल मीडिया और जॉब पोर्टल्स पर ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ‘हाई सैलरी’ वाली नौकरी का लालच देता था। युवाओं को फंसाने के लिए वे व्हाट्सएप से बातचीत शुरू करते थे और फिर उसे टेलीग्राम पर ले जाते थे ताकि पुलिस उन्हें ट्रैक न कर सके। फर्जी कंपनी प्रोफाइल और ऑफर लेटर दिखाकर लोगों का भरोसा जीता जाता था और फिर टास्क के नाम पर उनसे बड़ी रकम ठगी जाती थी।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया और गिरोह का नेटवर्क कहाँ था?
पुलिस ने छापेमारी के दौरान 18 मोबाइल फोन, 19 सिम कार्ड, एक लैपटॉप और कई एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। जांच में पता चला कि इस गिरोह के तार चीन और पाकिस्तान तक जुड़े हुए थे। यह गैंग केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि तेलंगाना, पंजाब, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में सक्रिय था।
| बरामद सामान |
संख्या/विवरण |
| कुल गिरफ्तार आरोपी |
14 |
| ठगी की कुल राशि |
8 करोड़ रुपये से अधिक |
| मोबाइल फोन |
18 |
| सिम कार्ड |
19 |
| लैपटॉप |
1 |
| एटीएम कार्ड |
3 |
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी मामला
डीसीपी आर.पी. मीणा और एसीपी मोहिंदर सिंह की निगरानी में यह पूरा ऑपरेशन चलाया गया। साइबर थाना प्रभारी विजय कुमार और उनकी टीम ने गीता कॉलोनी के एक होटल से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की। शाहदरा साइबर थाना में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ठगी का पैसा विदेशों में तो नहीं भेजा गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर ठग लोगों को कैसे फंसाते थे?
ठग सोशल मीडिया और जॉब पोर्टल्स पर वर्क फ्रॉम होम और पार्ट टाइम नौकरी का लालच देते थे। वे फर्जी ऑफर लेटर और टास्क आधारित कमाई का झांसा देकर लोगों से पैसे ठगते थे।
इस गिरोह का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन क्या है?
पुलिस जांच में इस गिरोह के मुख्य सरगना की लोकेशन चीन और पाकिस्तान में पाई गई है, जो लगातार अपनी जगह बदल रहा था।