Delhi में भारी सुरक्षा बल तैनात, CJP के प्रदर्शन के बीच बस्तर से एयरलिफ्ट की गईं CRPF की 10 कंपनियां

Delhi: राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है। Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शन और सरकार के साथ चल रही बातचीत के बीच केंद्र सरकार ने बस्तर से CRPF की 10 कंपनियों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली भेजा है। श

Delhi: राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है। Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शन और सरकार के साथ चल रही बातचीत के बीच केंद्र सरकार ने बस्तर से CRPF की 10 कंपनियों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली भेजा है। शहर के कई हिस्सों में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की हिंसा को रोका जा सके।

सुरक्षा बलों की ताजा तैनाती के बाद अब दिल्ली में कुल 55 कंपनियां मौजूद हैं। इसमें CRPF की 34, दंगा-रोधी इकाई RAF की 15, BSF की 3, सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 2 और ITBP की 1 कंपनी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में यह संख्या बढ़कर करीब 150 कंपनियों तक पहुंच सकती है। गुरुवार को हुई एक समीक्षा बैठक में स्वतंत्रता दिवस की ड्यूटी पर तैनात होने वाले बलों को समय से पहले रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए थे।

प्रदर्शनकारी CJP और छात्र NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को सरकार और CJP के बीच बातचीत का दूसरा दौर चला लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। आज यानी 25 जुलाई को बातचीत का तीसरा दौर होना तय है। इस बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने बताया कि उन्हें टाइफाइड है, फिर भी आंदोलन जारी रहेगा।

आम जनता के लिए दिल्ली में आवाजाही काफी मुश्किल हो गई है। DMRC ने सुरक्षा कारणों से 18 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया है और CISF के जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जंतर-मंतर के आसपास कई लेयर में बैरिकेड्स लगाए गए हैं जिन्हें वेल्डिंग और चेन से मजबूत किया गया है। दिल्ली पुलिस यहां AI वाले मोबाइल सर्विलांस वैन का इस्तेमाल कर रही है, जिससे अब तक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,500 से ज्यादा लोगों की पहचान हुई है।

गृह मंत्रालय (MHA) ने सुरक्षा कारणों से BitChat नाम की ब्लूटूथ मैसेंजर सर्विस को हटाने के लिए GitHub को आदेश दिया है। सरकार का मानना है कि प्रदर्शनकारी इंटरनेट बंद होने के दौरान इस ऐप का इस्तेमाल तालमेल बिठाने के लिए कर रहे थे। वहीं, विदेश मंत्रालय (MEA) ने विदेशी फंडिंग और पाकिस्तान की भूमिका के आरोपों पर कहा है कि वे स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

20 जुलाई को हुए ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने कई FIR दर्ज की हैं। कर्तव्य पथ थाने में दर्ज एक मामले में हत्या के प्रयास (BNS 109(1)) जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस के मुताबिक इस हिंसा में 129 पुलिसकर्मी और 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए थे।