Delhi सचिवालय पहुंचे सांसद अपराजिता सारंगी और JPC सदस्य, मंत्रियों को पद से हटाने वाले नए बिलों पर हुई चर्चा

Delhi: दिल्ली सचिवालय में 17 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। सांसद श्रीमती अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के सदस्यों ने यहाँ लोकल स्टडी विजिट की। इस दौरान समिति के सामने कुछ अहम विधेयकों

Delhi: दिल्ली सचिवालय में 17 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। सांसद श्रीमती अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के सदस्यों ने यहाँ लोकल स्टडी विजिट की। इस दौरान समिति के सामने कुछ अहम विधेयकों के प्रावधानों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया, जिनका असर देश की शासन व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर पड़ सकता है।

बैठक में मुख्य रूप से संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 और संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक 2025 पर चर्चा की गई। इन विधेयकों को अगस्त 2025 में लोकसभा में पेश किया गया था, जिसके बाद इन्हें बारीकी से जांचने के लिए JPC के पास भेजा गया था। सरकार का कहना है कि संविधान के 130वें संशोधन विधेयक का मकसद सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता लाना और जनता के भरोसे को और मजबूत करना है।

इन प्रस्तावित कानूनों में एक बड़ा बदलाव यह है कि अगर कोई मंत्री, जिसमें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, किसी ऐसे अपराध में गिरफ्तार होते हैं जिसमें 5 साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान है, तो उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है। नियम के मुताबिक, अगर ऐसा कोई व्यक्ति लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रहता है, तो 31वें दिन वे अपने आप पद से हट जाएंगे। यदि राष्ट्रपति या राज्यपाल को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की सलाह मिलती है, तो वे भी संबंधित मंत्री को हटा सकते हैं।

जहाँ एक तरफ इसे जवाबदेही बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इसकी आलोचना भी कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि ये विधेयक संसदीय प्रणाली, शक्तियों के बंटवारे और कानून के शासन जैसे संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन कर सकते हैं। फिलहाल JPC इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।