Delhi: दिल्ली में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने छात्रों की सेहत के लिए कड़े कदम उठाए हैं। अब स्कूलों में बच्चों को समय-समय पर पानी पीने की याद दिलाने के लिए एक खास सिस्टम लागू किया जाएगा।
Delhi: दिल्ली में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने छात्रों की सेहत के लिए कड़े कदम उठाए हैं। अब स्कूलों में बच्चों को समय-समय पर पानी पीने की याद दिलाने के लिए एक खास सिस्टम लागू किया जाएगा। इसका मकसद बच्चों को डिहाइड्रेशन और लू जैसी बीमारियों से बचाना है ताकि पढ़ाई के साथ उनकी सेहत भी ठीक रहे।
Water Bell और बडी सिस्टम क्या है और कैसे काम करेगा
शिक्षा निदेशालय ने 21 अप्रैल, 2026 को जारी सर्कुलर में निर्देश दिया है कि सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में हर 45-60 मिनट में ‘Water Bell’ बजाई जाएगी। यह घंटी बजते ही सभी छात्र पानी पिएंगे। इसके साथ ही स्कूलों में ‘बडी सिस्टम’ भी शुरू होगा, जिसमें छात्र एक-दूसरे की सेहत पर नजर रखेंगे और किसी की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत जानकारी देंगे।
स्कूलों के लिए क्या-क्या नए नियम जारी हुए हैं
गर्मी से बचाव के लिए निदेशालय ने कई सख्त गाइडलाइन्स जारी की हैं, जिनका पालन करना सभी स्कूलों के लिए जरूरी है। मुख्य निर्देश नीचे दिए गए हैं:
| नियम |
विवरण |
| प्रार्थना सभा |
खुले में सभा कम होगी, छायादार या अंदरूनी जगहों पर ही होगी |
| क्लासेज |
खुले मैदान या खुले स्थानों पर कोई कक्षा नहीं लगेगी |
| शारीरिक गतिविधियां |
बाहरी फिजिकल एक्टिविटीज पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है |
| पेयजल सुविधा |
परिसर में सुरक्षित और ठंडा पानी उपलब्ध कराना होगा |
| सूचना साझा करना |
WhatsApp ग्रुप के जरिए IMD की चेतावनी अभिभावकों तक पहुंचाई जाएगी |
निगरानी के लिए कौन होगा जिम्मेदार और क्या है डेडलाइन
हर स्कूल में एक नोडल शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। यह शिक्षक वॉटर बेल सिस्टम को लागू करने, जागरूकता सत्र चलाने और सभी नियमों के पालन की निगरानी करेगा। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी उच्चस्तरीय बैठक में सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है। सभी स्कूलों को इन निर्देशों का पालन कर 2 मई, 2026 तक अपनी अनुपालन रिपोर्ट (ATR) जमा करनी होगी। बता दें कि दिल्ली के अलावा उत्तराखंड और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी वॉटर बेल के आदेश दिए गए हैं।