Delhi के स्कूलों में मनेगा POCSO जागरूकता माह, बच्चों को सिखाया जाएगा ‘गुड टच-बैड टच’
Delhi: दिल्ली सरकार ने जुलाई 2026 को POCSO जागरूकता माह यानी बाल संरक्षण माह घोषित किया है। इस पहल का मुख्य मकसद स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को यौन शोषण और दुर्व्यवहार से बचाना है। इसके तहत शहर के सभी स्कूलों में बच्चो
Delhi: दिल्ली सरकार ने जुलाई 2026 को POCSO जागरूकता माह यानी बाल संरक्षण माह घोषित किया है। इस पहल का मुख्य मकसद स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को यौन शोषण और दुर्व्यवहार से बचाना है। इसके तहत शहर के सभी स्कूलों में बच्चों के लिए ‘गुड टच और बैड टच’ पर खास जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 9 जुलाई 2026 को बताया कि दिल्ली का हर स्कूल अब अनिवार्य बाल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करेगा। सभी स्कूलों को 15 दिनों के भीतर अपनी अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस अभियान का लक्ष्य यह है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा का ऐसा सिस्टम बने जो हमेशा काम करे। जुलाई के अंत तक दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों में बाल संरक्षण समितियां बना दी जाएंगी, जिनमें सरकारी, निजी, MCD और NDMC के स्कूल शामिल हैं।
इस पूरे अभियान की रूपरेखा उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में 17 जून 2026 को हुई बैठक में तय की गई थी। 6 और 7 जुलाई को मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल ने इस अभियान की समीक्षा की और अधिकारियों को इसे समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। स्कूलों को 19 जून के परिपत्र के अनुसार छात्र सुरक्षा चेकलिस्ट और प्रमाण पत्र जमा करने को कहा गया है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए अब जिला और ज़ोन स्तर की टीमें 13 जुलाई 2026 से स्कूलों का निरीक्षण करेंगी। वे यह देखेंगे कि POCSO के नियमों और SOP का पालन हो रहा है या नहीं। साथ ही, POCSO से जुड़े मामलों को जल्दी सुलझाने के लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी लागू की जाएगी।
इस मुहिम में केवल बच्चे ही नहीं, बल्कि शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को भी POCSO एक्ट की ट्रेनिंग दी जाएगी। काउंसलर्स बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श, व्यक्तिगत सीमाओं और लैंगिक संवेदीकरण के बारे में समझा रहे हैं। साथ ही छात्रों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इस काम में दिल्ली पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा निदेशालय और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मिलकर काम कर रहे हैं। हर जिले में पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त रैंक के अधिकारी को नोडल ऑफिसर बनाया गया है।