Delhi: राजधानी में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। IMD ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और अनुमान है कि इस हफ्ते तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक
Delhi: राजधानी में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। IMD ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और अनुमान है कि इस हफ्ते तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। बच्चों को हीटवेव से बचाने के लिए Directorate of Education (DoE) ने सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन लागू की है।
स्कूलों में क्या-क्या बदलाव किए गए हैं?
गर्मी से बचाव के लिए स्कूलों में अब सुबह की प्रार्थना सभा (Assembly) या तो रद्द कर दी गई है या इसे केवल छायादार और इनडोर जगहों पर करने को कहा गया है। खुले मैदान में क्लासेज लगाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही, सभी तरह के आउटडोर स्पोर्ट्स और शारीरिक गतिविधियों को अगले आदेश तक रोक दिया गया है ताकि बच्चे सीधी धूप के संपर्क में न आएं।
‘वॉटर बेल’ सिस्टम और बच्चों की देखभाल कैसे होगी?
दिल्ली सरकार ने बच्चों को हाइड्रेटेड रखने के लिए ‘वॉटर बेल’ की शुरुआत की है। इसके तहत हर 45 से 60 मिनट में स्कूल की घंटी बजाई जाएगी ताकि बच्चों को पानी पीने की याद दिलाई जा सके। इसके अलावा, बच्चों की सेहत पर नजर रखने के लिए एक ‘बडी सिस्टम’ लागू किया जाएगा, जिसमें दो छात्र एक-दूसरे की तबीयत का ध्यान रखेंगे। स्कूलों को कैंपस में ठंडे और साफ पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभिभावकों के लिए निर्देश और स्कूल की जिम्मेदारी
| मुख्य बिंदु |
विवरण |
| कपड़े और स्वच्छता |
अभिभावक बच्चों को हल्के सूती कपड़े पहनाकर भेजें और साफ-सफाई का ध्यान रखें। |
| सूचना का माध्यम |
स्कूल WhatsApp ग्रुप के जरिए IMD की चेतावनी और एडवाइजरी माता-पिता तक पहुंचाएंगे। |
| निगरानी |
हर स्कूल में एक नोडल टीचर नियुक्त होगा जो इन नियमों के पालन की देखरेख करेगा। |
| रिपोर्टिंग |
सभी स्कूलों को 2 मई 2026 तक एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करनी होगी। |