Delhi: पूर्वी दिल्ली की 182 एकड़ में फैली संजय झील के लिए राहत की खबर है। पिछले चार महीनों से सूखी पड़ी इस झील में आखिरकार पानी वापस आ गया है। दैनिक जागरण की खबरों के बाद प्रशासन जागा और कोंडली सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (ST
Delhi: पूर्वी दिल्ली की 182 एकड़ में फैली संजय झील के लिए राहत की खबर है। पिछले चार महीनों से सूखी पड़ी इस झील में आखिरकार पानी वापस आ गया है। दैनिक जागरण की खबरों के बाद प्रशासन जागा और कोंडली सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से उपचारित पानी की सप्लाई दोबारा शुरू कर दी गई है। इससे झील में मछलियों की मौत रुकने की उम्मीद है।
झील में पानी क्यों गया था और अब क्या हुआ?
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अधिकारियों के मुताबिक, कोंडली STP से झील तक पानी ले जाने वाली पाइपलाइन में लीकेज हो गई थी। बताया गया कि नाले के पास कचरा जलाने की वजह से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। 21 मई को झील में सैकड़ों मरी हुई मछलियाँ मिलने के बाद मामला गरमाया और 22 मई को रिपोर्ट छपने के बाद मरम्मत का काम तेज हुआ। शनिवार, 23 मई को पाइपलाइन ठीक होने के बाद पानी की आपूर्ति बहाल कर दी गई।
प्रशासन की लापरवाही और जिम्मेदारी का खेल
झील के प्रबंधन को लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के बीच जिम्मेदारी का मामला रहा। DDA ने साफ किया कि जलस्तर बनाए रखने के लिए पानी की सप्लाई करना एक सरकारी जल एजेंसी (DJB) का काम है। वहीं, जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों ने माना कि पाइपलाइन की खराबी का पता लगाने में देरी हुई, जिस वजह से करीब छह महीने तक आपूर्ति बाधित रही।
LG के निर्देश और कायाकल्प की स्थिति
उपराज्यपाल (LG) वी.के. सक्सेना ने अप्रैल 2023 में इस झील का दौरा किया था और जून 2023 तक गाद निकालने का काम पूरा करने को कहा था। मार्च 2024 में दिल्ली जल बोर्ड ने दावा किया था कि झील की बहाली का प्रोजेक्ट लगभग पूरा हो चुका है और ट्रायल के तौर पर पानी पंप किया गया था। अब पाइपलाइन ठीक होने से झील के इकोसिस्टम को दोबारा जीवित करने में मदद मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
संजय झील में पानी की सप्लाई क्यों बंद थी?
कोंडली STP से आने वाली पाइपलाइन में लीकेज हो गई थी, जो संभवतः कचरा जलाने की वजह से क्षतिग्रस्त हुई थी। इस वजह से पिछले चार महीनों से झील में पानी नहीं पहुँच रहा था।
संजय झील का प्रबंधन कौन करता है?
संजय झील का प्रबंधन दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) करता है, जबकि इसे उपचारित पानी की आपूर्ति करने और कायाकल्प की जिम्मेदारी दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की है।