Delhi: राजधानी दिल्ली में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी अब बेजुबानों पर भारी पड़ रही है। पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी (मयूर विहार) इलाके में स्थित संजय झील में सैकड़ों छोटी-बड़ी मछलियां मरी हुई पाई गईं। भीषण हीटवेव के कारण झ
Delhi: राजधानी दिल्ली में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी अब बेजुबानों पर भारी पड़ रही है। पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी (मयूर विहार) इलाके में स्थित संजय झील में सैकड़ों छोटी-बड़ी मछलियां मरी हुई पाई गईं। भीषण हीटवेव के कारण झील का जलस्तर तेजी से गिरा है और पानी में ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई है, जिससे मछलियां तड़पकर मर गईं।
मछलियों की मौत का मुख्य कारण क्या है?
अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में मई महीने की पिछले 14 सालों की सबसे गर्म रात दर्ज की गई है। इस भीषण गर्मी और घटते जलस्तर की वजह से पानी में घुली हुई ऑक्सीजन खत्म हो गई। इसके अलावा कोंडली STP से झील में साफ पानी लाने वाली पाइपलाइन की मरम्मत का काम चल रहा है, जिससे पानी की सप्लाई कम हो गई और स्थिति और बिगड़ गई।
DDA और जल बोर्ड के बीच क्यों मची है खींचतान?
187 एकड़ में फैली इस झील के रखरखाव को लेकर DDA और Delhi Jal Board के बीच जिम्मेदारी का विवाद शुरू हो गया है। DDA का कहना है कि पाइपलाइन का रखरखाव और जलस्तर बनाए रखना जल बोर्ड की जिम्मेदारी है। वहीं, दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पाइपलाइन की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है और इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
विशेषज्ञों ने पर्यावरण संकट पर क्या कहा?
पर्यावरण विशेषज्ञ भीम सिंह रावत के अनुसार, पिछले एक महीने में साहिबी नदी और नजफगढ़ नाले जैसे अन्य जल निकायों में भी मछलियां मरी हैं। उन्होंने कहा कि केवल तापमान को दोष देना सही नहीं है, बल्कि सरकारी एजेंसियां प्रदूषण रोकने और ताजे पानी के बहाव को बनाए रखने में नाकाम रही हैं। वन्यजीव प्रेमी यतिन वर्मा ने चिंता जताई कि प्रदूषित पानी से अब पक्षियों और भूजल पर भी बुरा असर पड़ेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
संजय झील में मछलियां क्यों मरीं?
भीषण गर्मी के कारण जलस्तर गिरने और पानी में ऑक्सीजन की भारी कमी होने से मछलियां मरी हैं। साथ ही कोंडली STP की पाइपलाइन मरम्मत के कारण पानी की आपूर्ति कम हो गई थी।
क्या दिल्ली के अन्य जलाशयों में भी ऐसी समस्या है?
हाँ, विशेषज्ञों के अनुसार पिछले एक महीने में साहिबी नदी और नजफगढ़ नाले जैसे अन्य जल निकायों में भी बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत की खबरें आई हैं।