Delhi में संसद मार्च के दौरान हिंसा, पुलिस ने दर्ज की 5 FIR; फेशियल रिकॉग्निशन से होगी उपद्रवियों की पहचान
Delhi: राजधानी दिल्ली में ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर पुलिस अब सख्त मूड में है। सोमवार, 20 जुलाई 2026 को कॉकराच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित इस मार्च में काफी बवाल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने द
Delhi: राजधानी दिल्ली में ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर पुलिस अब सख्त मूड में है। सोमवार, 20 जुलाई 2026 को कॉकराच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित इस मार्च में काफी बवाल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने दंगाइयों के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी कर ली है। पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों पर हमला किया।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कुल पांच FIR दर्ज की हैं, जिनमें कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के मामले शामिल हैं। इन मामलों में दंगा करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लोक सेवकों पर हमला करने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने BNS की धारा 163 के निर्देशों का उल्लंघन किया और चेतावनी के बावजूद हिंसा की।
दंगाइयों की पहचान के लिए पुलिस अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। इसके लिए 250 से ज्यादा वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिनमें CCTV, ड्रोन कैमरे, पुलिस के बॉडी कैमरे और मोबाइल रिकॉर्डिंग शामिल हैं। साथ ही, उपद्रवियों को पकड़ने के लिए ‘फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम’ (FRS) का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह हिंसा पहले से प्लान की गई थी और क्या व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के जरिए लोगों को उकसाया गया था।
इस हिंसा में भारी नुकसान हुआ है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घायल पुलिसकर्मी | 118 से ज्यादा (वरिष्ठ अधिकारी और महिला पुलिस शामिल) |
| घायल प्रदर्शनकारी | लगभग 60 |
| हिरासत में लिए गए लोग | लगभग 70 |
| नुकसान | 15 से 20 सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ |
| जांच के लिए वीडियो | 250 से अधिक फुटेज |
| मुख्य धाराएं | BNS की धारा 163 और अन्य |
दूसरी तरफ, CJP ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए हैं और दावा किया है कि उनके संस्थापक अभिजीत दीपके, गीतांजलि, अभिनेता प्रकाश राज और शबाना आजमी को ले जा रहे ट्रक पर हमला हुआ। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को गलत बताया है। वहीं, आप सांसद संजय सिंह के 3000 लोगों को हिरासत में लेने के दावे को भी पुलिस ने झूठा करार दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस बल के इस्तेमाल पर आई याचिका पर बुधवार, 22 जुलाई को सुनवाई करने का फैसला किया है। फिलहाल संसद क्षेत्र और जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और RAF की तैनाती की गई है।