Delhi: राजधानी की साकेत कोर्ट ने अल फलाह ट्रस्ट से जुड़े एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी Jawad Ahmed Siddique की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। शनिवार, 2 मई 2026 को एडिशनल सेशन जज Sheetal Chaudhary Pradh
Delhi: राजधानी की साकेत कोर्ट ने अल फलाह ट्रस्ट से जुड़े एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी Jawad Ahmed Siddique की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। शनिवार, 2 मई 2026 को एडिशनल सेशन जज Sheetal Chaudhary Pradhan ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। अब सिद्दीकी को जेल में ही रहना होगा क्योंकि Enforcement Directorate (ED) इस मामले में अपनी जांच जारी रखे हुए है।
Jawad Ahmed Siddique पर क्या हैं आरोप और कितना है घोटाला?
ED की जांच में सामने आया है कि Al-Falah Charitable Trust ने साल 2016-17 से 2024-25 के बीच धोखाधड़ी के जरिए करीब 493.24 करोड़ रुपये की कमाई की। आरोप है कि इस पैसे को सिद्दीकी और उनके परिवार के नियंत्रण वाली कंपनियों में भेजा गया और कुछ रकम विदेश भी भेजी गई। इसके अलावा, सिद्दीकी पर दिल्ली में 45 करोड़ रुपये के जमीन के प्लॉट को धोखाधड़ी से हासिल करने का भी आरोप है।
ED ने कौन सी संपत्तियां जब्त कीं और क्या है कानूनी स्थिति?
ED ने PMLA कानून के तहत अल फलाह ट्रस्ट और Jawad Ahmed Siddiqui की करीब 39.45 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ED के वकील Zoheb Hossain ने कोर्ट में दलील दी कि इस ट्रस्ट के कुछ लोगों के संबंध दिल्ली ब्लास्ट केस से भी हो सकते हैं। वहीं, हरियाणा सरकार ने मार्च 2026 में Al-Falah University को अपने नियंत्रण में लेकर वहां एक प्रशासक नियुक्त किया था।
इस केस से जुड़े मुख्य आंकड़े और विवरण
| विवरण |
जानकारी |
| कुल कथित धोखाधड़ी राशि |
493.24 करोड़ रुपये |
| जब्त की गई संपत्ति |
39.45 करोड़ रुपये |
| मुख्य आरोपी |
Jawad Ahmed Siddique |
| संबंधित ट्रस्ट |
Al-Falah Charitable Trust |
| जांच एजेंसी |
Enforcement Directorate (ED) |
| कोर्ट का फैसला |
जमानत याचिका खारिज (2 मई 2026) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
Jawad Ahmed Siddique को जमानत क्यों नहीं मिली?
साकेत कोर्ट ने मामले की गंभीरता और ED की दलीलों को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी। ED ने बताया कि यह मामला बड़े वित्तीय घोटाले और संदिग्ध संपर्कों से जुड़ा है।
Al-Falah Trust पर मुख्य आरोप क्या हैं?
ट्रस्ट पर आरोप है कि उसने शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता के नाम पर छात्रों को धोखा दिया और 493.24 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को अलग-अलग कंपनियों में डायवर्ट किया।