Delhi: साकेत इलाके में शनिवार, 30 मई 2026 को एक चार मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें 6 लोगों की जान चली गई और 8 लोग घायल हो गए। इस हादसे में मरने वालों में ज्यादातर वे छात्र थे जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। पुलि
Delhi: साकेत इलाके में शनिवार, 30 मई 2026 को एक चार मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें 6 लोगों की जान चली गई और 8 लोग घायल हो गए। इस हादसे में मरने वालों में ज्यादातर वे छात्र थे जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, इस इमारत में अवैध तरीके से मंजिलें बढ़ाई जा रही थीं, जिसकी जानकारी MCD को पहले ही दे दी गई थी।
हादसे के बाद क्या कार्रवाई हुई और कौन जिम्मेदार है
इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने मौके का दौरा किया और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण करने वालों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। MCD ने अपनी लापरवाही पर एक्शन लेते हुए साउथ जोन बिल्डिंग डिपार्टमेंट के दो इंजीनियरों, सुदेश सिंह चौहान और अमन जैन को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस ने बिल्डिंग मालिक Karamveer के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही का मामला दर्ज किया है, जो फिलहाल फरार है।
पुलिस ने MCD को कब और कैसे दी थी चेतावनी
जांच में सामने आया कि महरौली पुलिस स्टेशन ने 3 मार्च और 10 मार्च 2026 को दो बार MCD को चिट्ठी लिखकर बताया था कि बिल्डिंग में नियम के खिलाफ निर्माण हो रहा है। एक बीट कांस्टेबल ने देखा था कि बिल्डिंग की ऊंचाई तय सीमा से ज्यादा हो रही थी। नियमों के मुताबिक इलाके में अधिकतम चार मंजिल की अनुमति थी, लेकिन इस इमारत में पांच से छह मंजिलें बनाई जा रही थीं। पुलिस की चेतावनी मिलने के बाद भी MCD ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
बचाव कार्य और इमारत की स्थिति
मलबे से लोगों को निकालने के लिए NDRF, Delhi Fire Services और DDMA जैसी कई टीमें तैनात की गई थीं। DCP (South) अनंत मित्तल ने बताया कि घायलों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया ताकि उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके। यह इमारत मूल रूप से ग्राउंड फ्लोर और तीन मंजिलों की थी, जिसमें हाल ही में दो और मंजिलें जोड़ी गई थीं। हादसे के वक्त भी ऊपरी हिस्से में काम चल रहा था, जिससे पास का एक टीन शेड कैंटीन भी दब गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साकेत बिल्डिंग हादसे में कुल कितने लोग प्रभावित हुए
इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई और 8 लोग घायल हुए। मरने वालों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र और पास की कैंटीन से जुड़े लोग शामिल थे।
MCD के किन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है
निरीक्षण में लापरवाही और ड्यूटी में चूक के कारण साउथ जोन बिल्डिंग डिपार्टमेंट के असिस्टेंट इंजीनियर सुदेश सिंह चौहान और जूनियर इंजीनियर अमन जैन को सस्पेंड कर दिया गया है।