Delhi: रोहिणी कोर्ट में न्यायाधीश और वकीलों के बीच हुए एक तीखे विवाद के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की है। हाईकोर्ट ने प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए डिस्ट्रिक्ट जज राकेश कुमार-V को उनके पद से हटा दिया है। अब उनकी
Delhi: रोहिणी कोर्ट में न्यायाधीश और वकीलों के बीच हुए एक तीखे विवाद के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की है। हाईकोर्ट ने प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए डिस्ट्रिक्ट जज राकेश कुमार-V को उनके पद से हटा दिया है। अब उनकी जगह धीरज मित्तल को उत्तर-पश्चिम जिले का नया डिस्ट्रिक्ट जज-04 बनाया गया है।
क्या था पूरा विवाद और कब हुई घटना
यह पूरा मामला शनिवार, 16 मई 2026 का है। सुनवाई के दौरान रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव तेहलान ने पासओवर का अनुरोध किया था। इसी बात को लेकर जिला न्यायाधीश राकेश कुमार-V और वकील के बीच बहस शुरू हो गई। इस गहमागहमी के बीच वकील ने कथित तौर पर जज को नशे में धुत कहा था। इस घटना के बाद वकीलों में काफी नाराजगी देखी गई।
हाईकोर्ट ने क्या एक्शन लिया और किसे दी जिम्मेदारी
घटना के अगले ही दिन, रविवार 17 मई 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज ने आदेश संख्या No.22/D-3/Gaz.IA/DHC/2026 जारी किया। इसके तहत जज राकेश कुमार-V को न्यायिक कार्यों से हटाकर दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी में निदेशक के पद पर भेज दिया गया है। उनकी जगह धीरज मित्तल को नियुक्त किया गया है, जो पहले दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी में अतिरिक्त निदेशक थे।
वकीलों की प्रतिक्रिया और हड़ताल का ऐलान
दिल्ली की सभी जिला न्यायालय बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। समिति ने जज के व्यवहार को अशोभनीय और अस्वीकार्य बताया। वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। जांच की मांग को लेकर वकीलों ने 18 मई 2026, सोमवार को हड़ताल करने का फैसला किया है। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने अभी तक किसी औपचारिक जांच की घोषणा नहीं की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रोहिणी कोर्ट के नए डिस्ट्रिक्ट जज कौन बने हैं?
दिल्ली हाईकोर्ट ने धीरज मित्तल को उत्तर-पश्चिम जिले का नया डिस्ट्रिक्ट जज-04 नियुक्त किया है। वह इससे पहले दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी में अतिरिक्त निदेशक के पद पर थे।
जज राकेश कुमार-V को पद से क्यों हटाया गया?
16 मई 2026 को रोहिणी कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान जज और वकीलों के बीच तीखी बहस हुई थी। इस विवाद के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक कार्यों से हटाकर दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी में निदेशक बना दिया।