Delhi के रोहिणी में निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरी, 3 लोगों की मौत, घटिया मटीरियल के इस्तेमाल का आरोप

Delhi: राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 16 में एक बड़ा हादसा हुआ है जहाँ निर्माणाधीन दो चार मंजिला इमारतें अचानक गिर गईं। इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई और मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए करीब 15 घंटे तक रेस्क्

Delhi: राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 16 में एक बड़ा हादसा हुआ है जहाँ निर्माणाधीन दो चार मंजिला इमारतें अचानक गिर गईं। इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई और मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए करीब 15 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। पुलिस और प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ और इसमें किसकी लापरवाही थी।

यह हादसा बुधवार 8 जुलाई 2026 को शाम करीब 4:20 बजे हुआ। मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए Delhi Police, Fire Services, NDRF और MCD की टीमों ने मिलकर काम किया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तीन शव बरामद किए गए, जिनमें राम (42), काफे उर्फ नूरुल (24) और राम दुआ (62) शामिल हैं। वहीं, मोहम्मद सद्दाम और रवि नाम के दो मजदूरों को जिंदा निकाला गया, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

शुरुआती जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग बनाने में घटिया मटीरियल का इस्तेमाल किया गया था। MCD के मुताबिक, इन इमारतों को SARAL स्कीम के तहत मंजूरी मिली थी, जिसमें आर्किटेक्ट के सेल्फ-वेरिफिकेशन पर परमिट दिए जाते हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि हादसे के वक्त बिल्डिंग के अंदर प्लंबिंग का काम चल रहा था, और बीम या कॉलम की कटिंग करने की वजह से ढांचा कमजोर होकर गिर गया। भारी बारिश ने भी इस स्थिति को और खराब कर दिया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे की जानकारी मिलते ही स्थिति पर नजर रखी और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की। पुलिस ने इस मामले में गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) की FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या बिल्डिंग प्लान के हिसाब से बनाई गई थी या उसमें कोई अवैध बदलाव किए गए थे। बिल्डिंग की मालकिन और ठेकेदारों से पूछताछ की जा रही है।