Delhi के रोहिणी में निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरी, 3 मजदूरों की मौत, मलबे में अब भी फंसे कई लोग
Delhi: राजधानी के रोहिणी सेक्टर-16 में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। यहां जी-4 पॉकेट में बन रही एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य मजदूर मलबे में दब
Delhi: राजधानी के रोहिणी सेक्टर-16 में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। यहां जी-4 पॉकेट में बन रही एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य मजदूर मलबे में दबे हो सकते हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया।
यह हादसा बुधवार 8 जुलाई 2026 को शाम करीब 4 बजे से 4:28 बजे के बीच हुआ। मलबे से अब तक 42 वर्षीय राम किशोर के शव सहित तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, 35 साल के रवि और 32 साल के सद्दाम को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनका इलाज बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल में चल रहा है। आशंका है कि बिल्डिंग मालिक राम दुआ और 4 से 5 मजदूर अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं।
बचाव कार्य के लिए NDRF, दिल्ली पुलिस, अग्निशमन सेवा और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं। मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने के लिए लाइव डिटेक्टर्स, जेसीबी मशीन और हाइड्रोलिक कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि फंसे हुए लोगों तक पानी और ऑक्सीजन पहुंचाने की कोशिश की गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर दुख जताया है और अधिकारियों को बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
MCD की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमारत की नींव सही नहीं थी और संरचनात्मक खराबी हादसे की वजह बनी। यह भी शक है कि प्लंबिंग के काम के दौरान बीम और कॉलम की कटाई की गई, जिससे बिल्डिंग कमजोर हो गई। हालांकि, स्थानीय RWA ने MCD पर अपनी जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया है। वहीं DDA ने साफ किया कि यह इलाका 2016 में ही डी-नोटिफाई कर स्थानीय निकाय को सौंप दिया गया था।
चश्मदीदों का कहना है कि एक जोरदार धमाके जैसी आवाज आई और पूरी बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह गिर गई। मृतक राम के भाई ने निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में बिल्डिंग मालिक राम दुआ और उनकी पत्नी मंजू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को खाली करा लिया गया है।