Delhi: राजधानी दिल्ली की सबसे व्यस्त सड़कों को अब हरा-भरा और धूल मुक्त बनाया जाएगा। एलजी तरनजीत सिंह संधू ने हाल ही में एक बैठक कर पांच खास कॉरिडोर के कायाकल्प के काम की समीक्षा की। इस प्रोजेक्ट का मकसद दिल्ली की हवा को
Delhi: राजधानी दिल्ली की सबसे व्यस्त सड़कों को अब हरा-भरा और धूल मुक्त बनाया जाएगा। एलजी तरनजीत सिंह संधू ने हाल ही में एक बैठक कर पांच खास कॉरिडोर के कायाकल्प के काम की समीक्षा की। इस प्रोजेक्ट का मकसद दिल्ली की हवा को साफ करना और ट्रैफिक वाले रास्तों को पैदल चलने वालों के लिए आसान बनाना है।
किन 5 सड़कों पर शुरू होगा काम
प्रशासन ने दिल्ली के पांच सबसे व्यस्त रास्तों को प्राथमिकता दी है। इनमें मिंटो रोड से आईटीओ और कड़कडूमा वाला रास्ता, मिंटो रोड से अरुणा आसफ अली मार्ग और दिल्ली गेट, नेताजी सुभाष मार्ग से आईटीओ और आईपी एस्टेट मेट्रो, धौला कुआं से तिलक नगर क्रॉसिंग और नजफगढ़ रोड पर उत्तम नगर से राजौरी गार्डन तक का हिस्सा शामिल है।
सड़कों के मेकओवर में क्या-क्या बदलाव होंगे
इन सड़कों पर अब पानी जमा नहीं होगा क्योंकि यहां नया ड्रेनेज सिस्टम लगाया जाएगा। पैदल चलने वालों के लिए अलग रास्ते और साइकिल ट्रैक बनेंगे। धूल रोकने के लिए सड़कों के किनारे घास लगाई जाएगी और पाइप के जरिए पानी देने की व्यवस्था होगी। साथ ही, रात की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए वेंडर्स के लिए जगह और क्राफ्ट बाजार बनाए जाएंगे। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहतर लाइटिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
प्रदूषण रोकने के लिए बजट और अन्य योजनाएं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साल 2026-27 के ग्रीन बजट में पर्यावरण सुधार के लिए 22,236 करोड़ रुपये रखे हैं। इसमें से 2,392 करोड़ रुपये सड़कों को दोबारा बनाने और उन्हें धूल मुक्त करने के लिए PWD और MCD को दिए गए हैं। इसके अलावा, एंटी-स्मॉग गन और मशीनी झाड़ू के लिए 504 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। दिल्ली सरकार अगले चार साल में 35 लाख देशी पेड़ लगाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली की किन सड़कों को धूल मुक्त बनाया जा रहा है
मुख्य रूप से मिंटो रोड-आईटीओ-कड़कडूमा, धौला कुआं-तिलक नगर, और नजफगढ़ रोड (उत्तम नगर से राजौरी गार्डन) समेत कुल 5 बड़े कॉरिडोर को चुना गया है।
सड़कों के नवीनीकरण के लिए कितना बजट तय किया गया है
ग्रीन बजट 2026-27 में पर्यावरण के लिए कुल 22,236 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिसमें से 2,392 करोड़ रुपये विशेष रूप से सड़कों के पुनर्विकास के लिए आवंटित हैं।