Delhi: दिल्ली के आर.के. पुरम में एक खास कैफे की शुरुआत हुई है जिसे ‘Cafe Beyond Eyes’ नाम दिया गया है. यहां काम करने वाले सभी युवा दृष्टिबाधित हैं, जिनमें करीब 15 लड़कियां शामिल हैं. यह कैफे केवल खाना परोसने की जगह नहीं
Delhi: दिल्ली के आर.के. पुरम में एक खास कैफे की शुरुआत हुई है जिसे ‘Cafe Beyond Eyes’ नाम दिया गया है. यहां काम करने वाले सभी युवा दृष्टिबाधित हैं, जिनमें करीब 15 लड़कियां शामिल हैं. यह कैफे केवल खाना परोसने की जगह नहीं है, बल्कि इन युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज में सम्मान दिलाने की एक बड़ी कोशिश है.
कौन चला रहा है यह कैफे और कैसे हुई शुरुआत
इस कैफे की शुरुआत 1 मई 2026 को आर.के. पुरम के सेक्टर 5 में National Association for the Blind (NAB) परिसर में हुई. इसे NAB और Tatsat Foundation ने मिलकर शुरू किया है. सेलिब्रिटी शेफ अश्विनी कुमार सिंह ने इन युवाओं को खाना बनाने की ट्रेनिंग दी है और मेनू तैयार किया है. शुभम हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड ने भी इस पहल को अपना समर्थन दिया है.
कैफे में क्या-क्या काम संभालते हैं दृष्टिबाधित युवा
यहां काम करने वाले युवा रसोई के कामकाज से लेकर ग्राहकों के ऑर्डर लेने तक की जिम्मेदारी निभाते हैं. वे बिलिंग, प्लेटिंग और खाने की प्रेजेंटेशन का काम भी खुद ही करते हैं. शेफ अश्विनी कुमार सिंह का कहना है कि खाना बनाना केवल देखने का काम नहीं है, बल्कि यह जुनून और इंद्रियों की समझ वाली कला है. NAB के महासचिव प्रशांत वर्मा के मुताबिक, यह पहल दृष्टिबाधित लोगों को सही मौका और वातावरण देने की कोशिश है.
भविष्य की योजना और रोजगार के अवसर
NAB और Tatsat Foundation ने अब एक ‘फूड कार्ट कॉन्सेप्ट’ की घोषणा की है. इस नई योजना का लक्ष्य अगले पांच सालों में 500 दृष्टिबाधित लोगों के लिए रोजगार के मौके पैदा करना है. शेफ अश्विनी कुमार सिंह ने इस फूड कार्ट के लिए भी मेनू तैयार कर लिया है, जिससे आने वाले समय में और ज्यादा युवाओं को काम मिल सकेगा.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Cafe Beyond Eyes कहां स्थित है और इसकी शुरुआत कब हुई
यह कैफे दिल्ली के आर.के. पुरम के सेक्टर 5 स्थित National Association for the Blind (NAB) परिसर में है. इसका उद्घाटन 1 मई 2026 को किया गया था.
इस कैफे के जरिए भविष्य में कितने लोगों को रोजगार मिलेगा
NAB और Tatsat Foundation ने फूड कार्ट कॉन्सेप्ट शुरू करने की योजना बनाई है, जिससे अगले पांच वर्षों में लगभग 500 दृष्टिबाधित व्यक्तियों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है.