Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में आरोपी खालिद सैफी को उनके परिवार में होने वाली शादियों में शामिल होने के लिए छह दिनों की अंतरिम जमानत दे दी है। कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल
Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में आरोपी खालिद सैफी को उनके परिवार में होने वाली शादियों में शामिल होने के लिए छह दिनों की अंतरिम जमानत दे दी है। कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी ने यह आदेश गुरुवार 9 अप्रैल 2026 को सुनाया। सैफी यूनाइटेड अगेंस्ट हेट नाम के संगठन के संस्थापक हैं और उन पर यूएपीए के तहत मामला चल रहा है।
कोर्ट ने जमानत के लिए क्या शर्तें तय की हैं?
अदालत ने खालिद सैफी को 15 अप्रैल 2026 से 20 अप्रैल 2026 तक की अवधि के लिए राहत दी है। जमानत की शर्तों के अनुसार उन्हें 20,000 रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि की एक जमानतदार पेश करनी होगी। सुनवाई के दौरान स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अनिरुद्ध मिश्रा ने जमानत का विरोध किया और तर्क दिया कि सैफी पहले भी इसी तरह के आधार पर जमानत ले चुके हैं।
- सैफी को पूरी अवधि के दौरान दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के भीतर ही रहना होगा।
- उन्हें अपना मोबाइल फोन हर समय ऑन रखना होगा ताकि उनकी लोकेशन पता चल सके।
- वह मामले से जुड़े किसी भी गवाह या मीडिया कर्मियों से बातचीत नहीं कर सकेंगे।
खालिद सैफी किन कार्यक्रमों में हिस्सा ले पाएंगे?
सैफी के वकील ने अदालत को बताया कि परिवार में दो महत्वपूर्ण विवाह समारोह हैं। कोर्ट ने उनकी याचिका पर विचार करते हुए मुख्य रस्मों के लिए अनुमति दे दी है। जज ने नोट किया कि हल्दी और भात जैसे छोटे कार्यक्रमों के लिए आरोपी की मौजूदगी जरूरी नहीं है, इसलिए केवल निकाह और रिसेप्शन के लिए समय दिया गया है।
| तारीख |
कार्यक्रम |
| 16 अप्रैल 2026 |
भतीजे की बारात और निकाह |
| 19 अप्रैल 2026 |
भतीजी का निकाह और रिसेप्शन |
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले भी खालिद सैफी को अक्टूबर 2025 और जनवरी 2026 में परिवार की शादियों में शामिल होने के लिए इसी तरह की अंतरिम जमानत मिल चुकी है। 20 अप्रैल को जमानत अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें वापस जेल अधिकारियों के सामने सरेंडर करना होगा।