Delhi: उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के ‘बड़ी साजिश’ वाले केस में कड़कडूमा कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को अहम निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस से कहा है कि वह अपने जवाब में यह साफ-साफ बताए कि किस आरोपी ने क्या काम किया
Delhi: उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के ‘बड़ी साजिश’ वाले केस में कड़कडूमा कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को अहम निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस से कहा है कि वह अपने जवाब में यह साफ-साफ बताए कि किस आरोपी ने क्या काम किया और उसकी भूमिका क्या थी। यह मामला अब चार्ज फ्रेम करने यानी आरोप तय करने के चरण में है, जिसके बाद कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है।
पुलिस को क्या निर्देश दिए कोर्ट ने?
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) समीर बाजपेई ने इस मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस को समय दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पुलिस को 30 मई 2026 तक अपने तर्क पेश करने होंगे। पुलिस को यह बताना होगा कि चार्जशीट में नामजद हर व्यक्ति की इस पूरी घटना में क्या भूमिका रही थी। इसके बाद कोर्ट आरोपों पर अपना आदेश सुरक्षित रख सकता है।
उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज
इसी मामले में पूर्व JNU छात्र नेता Umar Khalid की अंतरिम जमानत याचिका पर भी फैसला आया है। 19 मई 2026 को ASJ समीर बाजपेई की कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने पाया कि जिस वजह से खालिद ने अस्थायी रिहाई मांगी थी, वह पर्याप्त या उचित नहीं थी।
कौन-कौन हैं इस केस के मुख्य आरोपी?
दिल्ली पुलिस ने इस साजिश के मामले में UAPA कानून के तहत कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें मुख्य रूप से ये नाम शामिल हैं:
- Tahir Hussain, Umar Khalid और Sharjeel Imam
- Abdul Khalid Saifi, Shifa Ur Rehman और Meeran Haider
- Saleem Khan, Salim Malik, Asif Iqbal Tanha और Devangana Kalita
- Natasha Narwal, Faizan Khan, Safoora Zargar, Ishrat Jahan, Gulfisha Fatima, Tasleem Ahmed और Athar Khan
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली दंगों के इस केस की अगली सुनवाई कब है?
कड़कडूमा कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के जवाब और दलीलों के लिए 30 मई 2026 की तारीख तय की है।
उमर खालिद की जमानत याचिका पर कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने 19 मई 2026 को उमर खालिद की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी क्योंकि कोर्ट को उनके द्वारा दिए गए कारण सही नहीं लगे।