Delhi में अब समय पर मिलेंगी सरकारी सेवाएं, देरी करने वाले अफसरों पर लगेगा जुर्माना
Delhi: दिल्ली के लोगों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दिल्ली कैबिनेट ने ‘दिल्ली (नागरिकों का समयबद्ध व सुगम सेवा प्रदाय का अधिकार) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस नए कानून के बाद अब सर
Delhi: दिल्ली के लोगों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दिल्ली कैबिनेट ने ‘दिल्ली (नागरिकों का समयबद्ध व सुगम सेवा प्रदाय का अधिकार) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस नए कानून के बाद अब सरकारी अधिकारियों को तय समय के अंदर काम पूरा करना होगा, वरना उन्हें अपनी जेब से जुर्माना भरना पड़ेगा।
यह नया विधेयक 2011 के पुराने राइट टू सर्विस एक्ट की जगह लेगा। अब जाति, आय, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और लाइसेंस जैसी लगभग 500 सेवाएं इस कानून के दायरे में आएंगी। सबसे बड़ी बात यह है कि आवेदन करने से लेकर सर्टिफिकेट मिलने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। हर आवेदन को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिससे लोग घर बैठे अपने काम का स्टेटस चेक कर सकेंगे।
| नियम | विवरण |
|---|---|
| जुर्माना | देरी होने पर अधिकारी पर ₹250 प्रतिदिन का जुर्माना (अधिकतम ₹5,000) |
| डिजिटल सिस्टम | पूरी प्रक्रिया एंड-टू-एंड डिजिटल होगी |
| शिकायत निवारण | प्रत्येक विभाग में ‘नागरिक शिकायत निवारण प्राधिकारी’ की नियुक्ति |
| निर्णय की समय-सीमा | अपीलों पर 30 दिनों के भीतर फैसला लेना होगा |
| निगरानी निकाय | दिल्ली राइट टू सर्विस आयोग का गठन किया जाएगा |
| सेवाओं की संख्या | लगभग 500 सरकारी सेवाएं शामिल |
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस कानून से शासन में पारदर्शिता आएगी और अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। अगर कोई अधिकारी समय पर सेवा नहीं देता है, तो मामला अपने आप शिकायत निवारण प्राधिकारी और फिर दिल्ली राइट टू सर्विस आयोग के पास पहुंच जाएगा। यह विधेयक आने वाले मानसून सत्र में विधानसभा में पेश किया जा सकता है।