Delhi: राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके के मामले में NIA कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने Dr. Shaheen Saeed और उनके साथ अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत को बढ़ाकर 6 जुलाई 2026 तक कर दिया है। यह आद
Delhi: राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके के मामले में NIA कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने Dr. Shaheen Saeed और उनके साथ अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत को बढ़ाकर 6 जुलाई 2026 तक कर दिया है। यह आदेश गुरुवार, 4 जून 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट के स्पेशल जज प्रशांत शर्मा ने दिया।
कौन-कौन से आरोपी हैं न्यायिक हिरासत में?
NIA ने कोर्ट के सामने कुल 9 आरोपियों को पेश किया। इनमें आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुज़म्मिल शकील, डॉ. अदील अहमद रदर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद दार शामिल हैं। इन सभी की रिमांड खत्म होने के बाद अब इन्हें जुलाई तक जेल में ही रहना होगा।
क्या था यह पूरा मामला और क्या हैं आरोप?
यह मामला 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के Red Fort के पास हुए एक शक्तिशाली कार बम धमाके (VBIED) से जुड़ा है। इस हादसे में 11 लोगों की जान गई थी और कई लोग घायल हुए थे, साथ ही काफी संपत्ति का नुकसान हुआ था। NIA का आरोप है कि ये सभी आरोपी ‘अंसार गज़वात-उल-हिंद’ (AGuH) नाम के संगठन से जुड़े हैं, जो अल-कायदा का एक हिस्सा है।
जांच में अब तक क्या हुआ?
NIA ने इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इस साजिश का मुख्य आरोपी डॉ. उमेर उन नबी बताया गया था, लेकिन उसकी मौत के बाद अब उसकी कानूनी कार्यवाही खत्म करने का प्रस्ताव है। एजेंसी ने आरोपियों पर UAPA, भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लाल किले के पास धमाका कब हुआ था और इसमें कितना नुकसान हुआ?
यह धमाका 10 नवंबर 2025 को हुआ था। इसमें एक कार बम (VBIED) का इस्तेमाल किया गया था, जिससे 11 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए थे।
NIA ने आरोपियों पर क्या आरोप लगाए हैं?
NIA का आरोप है कि आरोपी आतंकी संगठन ‘अंसार गज़वात-उल-हिंद’ (AGuH) से जुड़े हैं, जिसे गृह मंत्रालय ने 2018 में प्रतिबंधित आतंकी संगठन घोषित किया था।