Delhi में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए ‘Red Alert’ सिस्टम लॉन्च, अब हिंसा रोकने के लिए तैनात रहेंगे मेडिकल सैनिक
Delhi: देश के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ी पहल शुरू की गई है। नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित 9वें फिट इंडिया कॉन्क्लेव 2026 के दौरान ‘रेड अलर्ट डी-एस्केलेशन और मेड
Delhi: देश के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ी पहल शुरू की गई है। नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित 9वें फिट इंडिया कॉन्क्लेव 2026 के दौरान ‘रेड अलर्ट डी-एस्केलेशन और मेडिकल सैनिक’ पहल की शुरुआत हुई। इस सिस्टम का मकसद अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ होने वाली मारपीट और हिंसा को रोकना है ताकि वे बिना किसी डर के मरीजों का इलाज कर सकें।
इस कार्यक्रम में MedscapeIndia मेडिकल एजुकेशन ट्रस्ट की चेयरपर्सन डॉ. सुनीता दुबे और कई केंद्रीय मंत्रियों ने हिस्सा लिया। डॉ. सुनीता दुबे ने ‘FitIndia 2.0’ मिशन को लॉन्च किया, जिसे उन्होंने डॉक्टर-नेतृत्व और नागरिक-स्वामित्व वाला मिशन बताया। उन्होंने कहा कि अब इलाज से ज्यादा बचाव पर ध्यान देने का समय आ गया है। इस दौरान एक व्हाइट पेपर भी जारी किया गया, जिसमें बताया गया कि भारत में लगभग 75 प्रतिशत डॉक्टरों ने शारीरिक या मौखिक हिंसा का सामना किया है।
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए ‘नेशनल हेल्थकेयर सेफ्टी रेड अलर्ट एंड डी-एस्केलेशन सिस्टम’ तैयार किया गया है। यह एक इमरजेंसी रिस्पांस फ्रेमवर्क है जो जरूरत पड़ने पर रियल-टाइम में डॉक्टरों को सुरक्षा मुहैया कराएगा। इसके साथ ही एक ‘नेशनल जीरो-टोलरेंस फ्रेमवर्क’ भी पेश किया गया है, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों को मजबूत कानूनी सुरक्षा मिल सके।
कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठवले और प्रतापराव जाधव सहित NMC के चेयरमैन डॉ. अभिजात चंद्रकांत सेठ ने भी इस पहल का समर्थन किया। श्री पीयूष गोयल ने जोर देकर कहा कि डॉक्टरों की गरिमा और सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता माना जाना चाहिए। इस पूरी योजना में ग्रांट थॉर्नटन भारत ने नॉलेज पार्टनर के तौर पर काम किया है।